सावधान! दोपहर में सोने की आदत बन सकती है ‘साइलेंट किलर’: स्टडी

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afternoon sleep

नई दिल्ली: अगर आपको भी दोपहर में लंबी नींद लेने की आदत है, तो यह खबर आपके लिए चेतावनी हो सकती है। हाल ही में हार्वर्ड की एक स्टडी में  बताया गया कि गलत तरीके से ली गई दोपहर की झपकी सेहत के लिए ‘साइलेंट किलर’ साबित हो सकती है।

दिल की बीमारियों और डायबिटीज का खतरा

स्टडी के अनुसार, दोपहर की नींद सीधे तौर पर हमारे मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करती है। जो लोग गलत समय या बहुत अधिक देर तक सोते हैं, उनमें दिल की बीमारियों, डायबिटीज और समय से पहले मौत का जोखिम काफी बढ़ जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि समस्या नींद में नहीं, बल्कि उसे लेने के ‘गलत समय’ और ‘गलत अवधि’ में है।

बचाव के लिए डॉक्टर के दो ‘गोल्डन रूल्स’

डॉक्टरों ने इस खतरे से बचने और दोपहर की नींद का सही लाभ लेने के लिए दो नियम बताए हैं:

  • 10-30 मिनट की ही हो झपकी: दोपहर की नींद को केवल ‘पावर नैप’ तक सीमित रखना चाहिए। 30 मिनट से ज्यादा की नींद शरीर के लिए जहर के समान काम करने लगती है।

  • दोपहर 2 बजे के बाद सोने से बचें: झपकी लेने का सबसे सुरक्षित समय सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच है। इसके बाद सोने से न केवल रात की नींद खराब होती है, बल्कि शरीर का नैचुरल साइकिल भी बिगड़ जाता है।

रात की नींद है सबसे जरूरी

विशेषज्ञों का कहना है कि दोपहर की नींद कभी भी रात की नींद का विकल्प नहीं हो सकती। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए नींद का मुख्य हिस्सा रात में ही पूरा करना चाहिए। अगर आप दिन में थकान महसूस करते हैं, तो केवल 20 मिनट का छोटा ब्रेक लेना ही काफी है।

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