समुद्र में ईरान का ‘आत्मघाती’ तांडव: 8 लाख की बोट ने हिलाया ग्लोबल मार्केट
तेहरान। मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) के समुद्र में ईरान ने एक ऐसी ‘गुरिल्ला जंग’ छेड़ दी है जिसने दुनिया के सबसे शक्तिशाली देशों को भी घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया है। ईरान की मात्र 8 लाख रुपये की ‘कामिकाजी’ (आत्मघाती) ड्रोन बोट्स ने खाड़ी क्षेत्र में तेल आपूर्ति को पूरी तरह ठप कर दिया है, जिससे वैश्विक ऊर्जा संकट गहरा गया है।
मात्र 8 लाख की बोट और 500 किलो बारूद का घातक मेल
ईरान की इस नई सामरिक चाल ने रक्षा विशेषज्ञों को हैरान कर दिया है। ये मानवरहित (Unmanned) बोट्स देखने में बेहद साधारण हैं, लेकिन इनका प्रहार विनाशकारी है:
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किफायती और घातक: एक बोट की कीमत मात्र 7,500 पाउंड (करीब 8 लाख रुपये) है।
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अदृश्य हमलावर: सफेद रंग और पानी की सतह पर कम ऊंचाई के कारण इन्हें दिन और रात, दोनों समय रडार पर ट्रैक करना लगभग नामुमकिन है।
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रफ़्तार और विस्फोटक: 40 मील प्रति घंटे की रफ़्तार से चलने वाली इन बोट्स में 500 किलो तक विस्फोटक लदा होता है।
भारतीय नाविक की मौत: ‘Safesea Vishnu’ पर भीषण हमला
इस संघर्ष की सबसे दुखद खबर इराक के बसरा से आई। ईरान की एक आत्मघाती बोट ने अमेरिकी तेल टैंकर ‘Safesea Vishnu’ को निशाना बनाया। इस टक्कर के बाद टैंकर में भीषण आग लग गई, जिसमें एक भारतीय नाविक की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। इस घटना ने साबित कर दिया है कि ईरान की समुद्री ताकत को कम आंकना अमेरिका की बड़ी भूल हो सकती है।
“ईरान के ये ड्रोन बोट्स वैश्विक तेल बाजार के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी रुकावट पैदा कर रहे हैं।” — इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA)
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गहराता संकट: मुख्य आंकड़े
ईरान के इस गुरिल्ला युद्ध ने दुनिया भर की जेब पर सीधा प्रहार किया है:
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तेल की कीमतें: कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुँच गया है (35% की बढ़ोतरी)।
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आपूर्ति में कमी: वैश्विक तेल उत्पादन में हर दिन 8 मिलियन बैरल की गिरावट दर्ज की गई है।
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शिपिंग जाम: होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में लगभग 1,000 जहाज फंसे हुए हैं, जिनमें 200 से अधिक तेल टैंकर शामिल हैं।
बेबस नज़र आ रहा है अमेरिका?
हैरानी की बात यह है कि अमेरिका की बाहुबली नौसेना भी इन हमलों के सामने बेबस दिख रही है। अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने स्वीकार किया कि उनकी सेना फिलहाल इन छोटे ड्रोन हमलों से टैंकरों को बचाने के लिए ‘तैयार नहीं’ है। ईरान की रणनीति यह है कि वह एक साथ दर्जनों बोट्स छोड़ता है। 8 लाख की एक बोट को गिराने के लिए अमेरिका को 20-30 लाख डॉलर की मिसाइल दागनी पड़ती है, जो आर्थिक रूप से भारी घाटा है।
क्या आगे और बढ़ेंगे हमले?
ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने इन हमलों को जारी रखने के आदेश दिए हैं। इराक के तेल टर्मिनलों ने कामकाज रोक दिया है और ओमान ने भी अपने मुख्य निर्यात केंद्रों को खाली करा लिया है। अगर यह तनाव कम नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की किल्लत पूरी दुनिया में देखी जा सकती है।
