जनगणना-2027: सभी जिलों में समन्वय समितियों का गठन
लखनऊ | उत्तर प्रदेश में जनगणना-2027 के महाअभियान की तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्य सरकार ने इस राष्ट्रीय कार्य के प्रभावी क्रियान्वयन और सटीक संचालन के लिए प्रदेश के सभी जनपदों में ‘जिला स्तरीय जनगणना समन्वय समिति’ के गठन का आदेश जारी कर दिया है। यह समितियां जमीनी स्तर पर डेटा संकलन से लेकर आंकड़ों के प्रकाशन तक की पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगी।
डीएम की कमान में काम करेगी हाई-प्रोफाइल कमेटी
सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, जिले के जिलाधिकारी (DM), जो प्रमुख जनगणना अधिकारी भी होते हैं, इस समन्वय समिति के अध्यक्ष होंगे। समिति का ढांचा इस प्रकार तैयार किया गया है कि इसमें प्रशासनिक, सांख्यिकीय और तकनीकी विभागों का बेहतर तालमेल बना रहे:
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अध्यक्ष: जिलाधिकारी / प्रमुख जनगणना अधिकारी।
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संयोजक: अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व)।
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सदस्य: मुख्य विकास अधिकारी (CDO)।
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विशेष सदस्य: नगर निगम वाले जिलों में नगर आयुक्त भी सदस्य होंगे।
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अन्य सदस्य: बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA), जिला सूचना विज्ञान अधिकारी (DIO), जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO), जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी और जनगणना कार्य निदेशालय के प्रतिनिधि।
1 जनवरी 2026 से शुरू हुआ कार्यकाल
समिति का कार्यकाल 1 जनवरी 2026 से प्रारंभ होकर 30 जून 2027 तक रहेगा। इस निर्धारित समय सीमा के भीतर ही जनगणना के दो सबसे महत्वपूर्ण चरणों— मकान सूचीकरण (House Listing) और जनसंख्या गणना (Population Enumeration) को पूरा किया जाना है।
इन कार्यों की होगी जिम्मेदारी
समिति को न केवल जनगणना करानी है, बल्कि उससे जुड़े तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं का भी ध्यान रखना है। समिति की मुख्य जिम्मेदारियां निम्नलिखित हैं:
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प्रशिक्षण: जनगणना कर्मियों को सटीक डेटा संग्रह के लिए प्रशिक्षित करना।
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मकान सूचीकरण: जिले के हर आवास की पहचान और सूची तैयार करना।
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आंकड़ों का संकलन: जनसंख्या से जुड़े विभिन्न पहलुओं का सटीक डेटा जुटाना।
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प्रकाशन: जिला जनगणना पुस्तिका तैयार करना और आंकड़ों को प्रकाशित कराना।
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वित्तीय प्रबंधन: बजट का समय पर आवंटन और उपयोगिता प्रमाण पत्र (Utilization Certificate) जमा कराना।
महत्व: जनगणना-2027 के आंकड़े न केवल देश की जनसंख्या बताएंगे, बल्कि आने वाले दशक के लिए सरकारी योजनाओं के निर्धारण, संसाधनों के बंटवारे और परिसीमन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों का आधार बनेंगे।
