क्रिप्टो बाजार पर ‘विंटर’ का साया: क्या गिरावट का अंत करीब है?
नई दिल्ली | क्रिप्टोकरेंसी बाजार में निवेश करने वाले लोग इस समय एक गहरे संकट के दौर से गुजर रहे हैं, जिसे विशेषज्ञ ‘क्रिप्टो विंटर’ (Crypto Winter) का नाम दे रहे हैं। बिटकॉइन सहित दुनिया की तमाम बड़ी डिजिटल करेंसी अपनी पिछली रिकॉर्ड ऊंचाइयों से काफी नीचे गिर चुकी हैं, जिससे निवेशकों में घबराहट का माहौल है। हालांकि, कुछ बाजार जानकारों का दावा है कि इस ‘सर्दी’ का अंत अब करीब है।
क्या होता है ‘क्रिप्टो विंटर’?
सरल शब्दों में कहें तो ‘क्रिप्टो विंटर’ शेयर बाजार के ‘बेयर मार्केट’ (Bear Market) जैसा ही है। यह वह स्थिति है जब:
-
बाजार में कीमतों में लगातार और लंबी गिरावट जारी रहती है।
-
ट्रेडिंग वॉल्यूम यानी लेन-देन की संख्या काफी कम हो जाती है।
-
निवेशकों में डर (Fear) और अनिश्चितता बढ़ जाती है, जिससे वे भारी बिकवाली करने लगते हैं।
बिटकॉइन: $1.26 लाख से $68 हजार तक का सफर
आंकड़ों पर नजर डालें तो अक्टूबर 2025 में बिटकॉइन ने $1,26,000 का अपना ऑल-टाइम हाई रिकॉर्ड बनाया था। लेकिन उसके बाद से इसमें लगातार गिरावट देखी जा रही है। साल 2026 में अब तक बिटकॉइन $1,00,000 के स्तर को भी पार नहीं कर पाया है और वर्तमान में यह $68,373 के आसपास संघर्ष कर रहा है।
गिरावट के पीछे के मुख्य कारण
बाजार विशेषज्ञों ने इस ‘क्रिप्टो विंटर’ के लिए कई बड़े कारणों को जिम्मेदार ठहराया है:
-
फेडरल रिजर्व की नीतियां: अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बदलाव का असर जोखिम भरे निवेश (जैसे क्रिप्टो) पर पड़ा है।
-
मजबूत होता डॉलर: वैश्विक बाजार में डॉलर की मजबूती ने भी क्रिप्टोकरेंसी की चमक कम की है।
-
मैक्रो फैक्टर्स: वैश्विक अर्थव्यवस्था में ‘रिस्क-ऑफ’ मूड, यानी निवेशकों का जोखिम से बचना, इस गिरावट की बड़ी वजह है।
रिकवरी की उम्मीद: अप्रैल 2026 में बदल सकता है मौसम
भले ही वर्तमान में बाजार ठंडा पड़ा है, लेकिन आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट अब अपने अंतिम चरण में है।
विशेषज्ञों का अनुमान: कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, यह क्रिप्टो विंटर अप्रैल 2026 तक खत्म हो सकता है। अमेरिकी सरकार द्वारा क्रिप्टो को कानूनी ढांचे में लाने की प्रक्रिया और नए ‘क्रिप्टो मार्केट बिल’ की तैयारियों ने लंबी अवधि के निवेशकों का भरोसा जगाया है।
इतिहास क्या कहता है?
यह पहली बार नहीं है जब क्रिप्टो विंटर आया है। इससे पहले साल 2018 और 2022 में भी ऐसी ही स्थिति देखी गई थी, लेकिन हर बार बाजार ने वापसी की और नई ऊंचाइयों को छुआ। जानकारों का कहना है कि धैर्य रखने वाले और लंबी अवधि के नजरिए वाले निवेशकों के लिए यह बाजार में टिके रहने का समय है।
