SIP शुरू करने जा रहे हैं? निवेश से पहले इन 4 बातों का रखें खास ख्याल
नई दिल्ली: वर्तमान समय में म्यूचुअल फंड एसआईपी (Systematic Investment Plan) बचत और निवेश का एक बेहद लोकप्रिय जरिया बन चुका है। छोटे निवेश से बड़ी पूंजी बनाने की चाहत रखने वाले लोगों के लिए यह एक बेहतरीन विकल्प है, लेकिन जानकारी के अभाव में कई निवेशक गलतियां कर बैठते हैं। अगर आप भी एसआईपी शुरू करने की सोच रहे हैं, तो विशेषज्ञों द्वारा बताई गई इन महत्वपूर्ण बातों को समझना जरूरी है।
निवेशकों के लिए 4 जरूरी टिप्स:
1. धैर्य रखें, शॉर्ट टर्म रिटर्न के चक्कर में न पड़ें: अक्सर निवेशक एसआईपी शुरू करने के कुछ महीनों बाद ही बड़े रिटर्न की उम्मीद करने लगते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि एसआईपी का असली फायदा लंबे समय (Long Term) में ही मिलता है। अगर कोई फंड एक साल में उम्मीद के मुताबिक रिटर्न न दे, तो उसे तुरंत बंद करना जल्दबाजी हो सकती है। म्यूचुअल फंड में धैर्य सबसे बड़ी पूंजी है।
2. बाजार की गिरावट से डरें नहीं, बल्कि फायदा उठाएं: जब शेयर बाजार गिरता है, तो कई निवेशक डरकर अपनी एसआईपी बंद कर देते हैं या पैसे निकाल लेते हैं। असल में, बाजार की गिरावट निवेश का सबसे अच्छा समय होता है क्योंकि इस दौरान आप उतनी ही रकम में फंड की ज्यादा यूनिट्स खरीद सकते हैं। इसे ‘रुपी कॉस्ट एवरेजिंग’ कहा जाता है, जो भविष्य में आपके मुनाफे को बढ़ाता है।
3. कम्पाउंडिंग की शक्ति (Power of Compounding): एसआईपी में निवेश जितना लंबा होगा, कम्पाउंडिंग का फायदा उतना ही ज्यादा मिलेगा। चक्रवृद्धि ब्याज (Compounding) आपके निवेश की गई राशि और उस पर मिले रिटर्न, दोनों पर मुनाफा कमा कर देता है, जिससे समय के साथ आपकी संपत्ति तेजी से बढ़ती है।
4. ‘स्टेप अप’ (Step Up) विकल्प का इस्तेमाल करें: निवेश की राशि को स्थिर रखने के बजाय हर साल अपनी आय बढ़ने के साथ निवेश में भी कुछ प्रतिशत (जैसे 5% या 10%) की बढ़ोतरी करें। इसे ‘स्टेप अप एसआईपी’ कहते हैं। यह छोटी सी बढ़ोत्तरी आपके फाइनल मैच्योरिटी अमाउंट में बहुत बड़ा अंतर पैदा कर सकती है।
सावधानी:
म्यूचुअल फंड बाजार जोखिमों के अधीन हैं। निवेश करने से पहले योजना से संबंधित सभी दस्तावेजों को ध्यान से पढ़ें और आवश्यकता पड़ने पर किसी प्रमाणित निवेश सलाहकार (Certified Investment Advisor) से परामर्श जरूर लें।
