बंगाल: नंदिनी चक्रवर्ती बनीं राज्य की पहली महिला मुख्य सचिव
कोलकाता | पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार ने नए साल 2026 के अवसर पर राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था में एक क्रांतिकारी और ऐतिहासिक बदलाव किया है। 1994 बैच की वरिष्ठ आईएएस (IAS) अधिकारी नंदिनी चक्रवर्ती को बंगाल का नया मुख्य सचिव (Chief Secretary) नियुक्त किया गया है। वह राज्य के इतिहास में इस सर्वोच्च प्रशासनिक पद पर बैठने वाली पहली महिला अधिकारी बन गई हैं।
ममता-नंदिनी की जोड़ी: शीर्ष पर महिला शक्ति
इस नियुक्ति के साथ ही पश्चिम बंगाल के प्रशासन में एक नया अध्याय शुरू हुआ है। अब राज्य के दोनों सबसे शक्तिशाली पदों की कमान महिलाओं के हाथों में होगी—राजनीतिक प्रमुख के तौर पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और प्रशासनिक प्रमुख के तौर पर मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती।
मनोज पंत को मिली नई भूमिका
निवर्तमान मुख्य सचिव मनोज पंत 31 दिसंबर 2025 को सेवानिवृत्त हो गए। हालांकि, उनके व्यापक अनुभव को देखते हुए राज्य सरकार ने उन्हें मुख्यमंत्री का प्रधान सचिव नियुक्त किया है। मनोज पंत मुख्य सचिव के समकक्ष रैंक पर ही अपनी सेवाएं जारी रखेंगे और मुख्यमंत्री के नीतिगत निर्णयों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
नंदिनी चक्रवर्ती: चर्चाओं से सर्वोच्च पद तक
नंदिनी चक्रवर्ती का प्रशासनिक सफर काफी प्रभावशाली रहा है।
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वे पहले राज्यपाल सीवी आनंद बोस की प्रधान सचिव रह चुकी हैं।
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इसके बाद उन्होंने पर्यटन विभाग और गृह सचिव जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं।
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मुख्य सचिव की दौड़ में वरुण राय और प्रभात मिश्रा जैसे कई वरिष्ठ अधिकारियों के नाम थे, लेकिन मुख्यमंत्री ने नंदिनी चक्रवर्ती के अनुभव पर भरोसा जताया।
अन्य महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव
नंदिनी चक्रवर्ती के मुख्य सचिव बनने के बाद कई अन्य विभागों में भी फेरबदल किया गया है:
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जगदीश प्रसाद मीणा: इन्हें राज्य का नया गृह सचिव (Home Secretary) बनाया गया है। उनके पास ‘पहाड़’ और ‘पर्यटन विभाग’ का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा।
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वरुण राय: इन्हें पर्यटन विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
ये सभी नियुक्तियां 1 जनवरी 2026 से प्रभावी हो गई हैं। नए साल में इस बड़े बदलाव से उम्मीद की जा रही है कि राज्य प्रशासन की कार्यशैली में नई ऊर्जा और गति देखने को मिलेगी।
