अमेरिका के लिए पाकिस्तान सबसे बड़ा ‘परमाणु खतरा’: तुलसी गबार्ड

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Tulsi Gabbard

वॉशिंगटन/नई दिल्ली: दुनिया भर में परमाणु हथियारों की होड़ और बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी खुफिया विभाग (DNI) की प्रमुख तुलसी गबार्ड ने एक चौंकाने वाला बयान दिया है। गबार्ड ने आधिकारिक ब्रीफिंग के दौरान पाकिस्तान को संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए सबसे बड़े परमाणु खतरों में से एक करार दिया है।

पांच देशों की सूची में पाकिस्तान शामिल

खुफिया प्रमुख ने दुनिया के उन पांच प्रमुख देशों के नाम उजागर किए जो अमेरिकी सुरक्षा के लिए सीधी चुनौती बने हुए हैं। इस सूची में पाकिस्तान के साथ रूस, चीन, उत्तर कोरिया और ईरान शामिल हैं। गबार्ड के अनुसार, ये पांचों देश लगातार ऐसी मिसाइल तकनीक विकसित कर रहे हैं जो परमाणु और पारंपरिक, दोनों तरह के पेलोड ले जाने में सक्षम हैं।

अमेरिकी ‘होमलैंड’ अब मारक क्षमता के दायरे में

ब्रीफिंग में सबसे चिंताजनक बात यह रही कि इन देशों की मिसाइल प्रणालियों में अब इतनी प्रगति हो चुकी है कि अमेरिकी मुख्य भूमि (Homeland) अब इनकी सीधी मारक क्षमता के दायरे में आ चुकी है। इंटेलिजेंस चीफ ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान और अन्य देश जिस उन्नत तकनीक पर काम कर रहे हैं, वह वैश्विक शक्ति संतुलन को बिगाड़ सकती है।

ईरान और उत्तर कोरिया पर बड़े खुलासे

गबार्ड ने ईरान के संदर्भ में एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि: “जून 2025 में अमेरिका ने ईरान के परमाणु संवर्धन कार्यक्रम को पूरी तरह तबाह कर दिया था। तब से अब तक ईरान ने अपनी क्षमताओं को फिर से खड़ा करने की कोई कोशिश नहीं की है, हालांकि वह उन्नत मिसाइल प्रणालियों पर काम जारी रखे हुए है।”

वहीं, उत्तर कोरिया को लेकर उन्होंने आगाह किया कि रूस और चीन के साथ उसका बढ़ता ‘त्रिपक्षीय सामरिक तालमेल’ अमेरिका के लिए एक नई रणनीतिक मुसीबत खड़ी कर रहा है।

भारत के लिए निहितार्थ

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका द्वारा पाकिस्तान को परमाणु खतरे के रूप में पेश करना दक्षिण एशिया की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत है। पाकिस्तान के परमाणु हथियारों की सुरक्षा और उसकी मिसाइल तकनीक पर अमेरिका की यह सख्त टिप्पणी अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस्लामाबाद की मुश्किलें बढ़ा सकती है।

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