‘PM मोदी का एक कॉल और रुक जाएगी जंग…’: UAE के पूर्व राजदूत
नई दिल्ली | ईरान और इज़रायल के बीच जारी भीषण संघर्ष ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। दोनों देश एक-दूसरे पर मिसाइलों और ड्रोन से हमले कर रहे हैं, जिससे मिडिल ईस्ट में बड़ा संकट खड़ा हो गया है। इस बीच, भारत में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के पहले राजदूत रहे हुसैन हसन मिर्जा ने एक बड़ा बयान दिया है।
PM मोदी की वैश्विक साख और ‘पीसमेकर’ की भूमिका
हुसैन हसन मिर्जा के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक फोन कॉल इज़रायल और ईरान के बीच चल रहे इस युद्ध को रोकने में निर्णायक साबित हो सकती है। उन्होंने कहा कि भारत एक महान देश है और पीएम मोदी के संबंध दोनों ही देशों के साथ बेहद मजबूत हैं।
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इज़रायल से नजदीकी: पीएम मोदी हाल ही में इज़रायल के दौरे पर थे और वहां के नेतृत्व के साथ उनके व्यक्तिगत संबंध बहुत अच्छे हैं।
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ईरान से प्रगाढ़ रिश्ते: भारत ईरान के तेल का सबसे बड़ा खरीदार रहा है और दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक व व्यापारिक संबंध काफी गहरे हैं।
मिर्जा ने विश्वास जताया कि पीएम मोदी के दखल मात्र से इस समस्या का समाधान निकल सकता है।
खाड़ी देशों पर मंडराता खतरा
यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान ने अपनी मिसाइलों का रुख सऊदी अरब, यूएई, कतर, इराक और कुवैत जैसे खाड़ी देशों की तरफ भी कर दिया है।
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अमेरिकी ठिकानों पर हमला: 28 फरवरी के बाद से ईरान ने यूएई में स्थित कई अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।
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तटस्थता की नीति: यूएई, कुवैत और कतर ने स्पष्ट किया है कि वे अपनी जमीन का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ किसी भी हमले के लिए नहीं होने देंगे।
भारतीय समुदाय की चिंता
यूएई के पूर्व राजदूत ने उम्मीद जताई कि भारत इस मामले में राजनयिक हस्तक्षेप करेगा। इसका एक बड़ा कारण यूएई में रहने वाला 35 लाख भारतीय समुदाय है, जिनकी सुरक्षा भारत के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मिडिल ईस्ट का यह तनाव न केवल वैश्विक शांति बल्कि कच्चे तेल की कीमतों के लिए भी बड़ा खतरा बना हुआ है। अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या भारत इस युद्ध को रोकने के लिए ‘पीसमेकर’ की भूमिका निभाएगा।
