गुजरात में ‘आप’ को बड़ा झटका: किसान नेता राजू करपड़ा ने दिया इस्तीफा
अहमदाबाद | गुजरात में 2027 के विधानसभा चुनावों और आगामी शहरी स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारियों में जुटी आम आदमी पार्टी को एक बड़ा राजनीतिक नुकसान हुआ है। पार्टी के प्रमुख चेहरा और किसानों के बीच ‘हीरो’ माने जाने वाले राजू करपड़ा ने ‘आप’ से नाता तोड़ लिया है।
सोशल मीडिया पर किया इस्तीफे का ऐलान
राजू करपड़ा ने अपने इस्तीफे की घोषणा सोशल मीडिया के जरिए की। उन्होंने अपने संदेश में लिखा, “आज मैं आम आदमी पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे रहा हूं। मेरा यह फैसला आपको जरूर चौंका देगा। पार्टी को मजबूत करने के लिए मैंने अपने परिवार से ज्यादा समय पार्टी को दिया, लेकिन कुदरत ने यहीं तक साथ लिखा था।” उन्होंने पार्टी नेतृत्व और अपने साथी किसानों का भी आभार व्यक्त किया।
कौन हैं राजू करपड़ा?
राजू करपड़ा गुजरात में किसान विरोधी ‘कडदा प्रथा’ के खिलाफ आवाज उठाकर चर्चा में आए थे। वह सौराष्ट्र क्षेत्र में काफी लोकप्रिय हैं और उनकी बेबाक बोलने की शैली ने उन्हें रातों-रात एक बड़ा नेता बना दिया था। उन्हें पूर्व प्रदेश अध्यक्ष गोपाल इटालिया का बेहद करीबी और भरोसेमंद माना जाता था। किसान आंदोलन के दौरान सक्रिय रहने के कारण उन्हें जेल भी जाना पड़ा था, जिससे उनकी पहचान एक जुझारू नेता के रूप में बनी थी।
इस्तीफे के पीछे की वजह और अटकलें
हालांकि करपड़ा ने अपने इस्तीफे के पीछे व्यक्तिगत कारणों का हवाला दिया है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में उनके भाजपा (BJP) में शामिल होने की प्रबल चर्चा है। फिलहाल, उन्होंने इन चर्चाओं पर कोई स्पष्ट बयान नहीं दिया है। उनके इस्तीफे पर अभी तक आम आदमी पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
AAP के लिए क्यों है यह बड़ी चुनौती?
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निकाय चुनाव: गुजरात में स्थानीय निकाय (नगर निगम/नगर पालिका) के चुनाव होने वाले हैं। ऐसे समय में एक सक्रिय नेता का जाना पार्टी के मनोबल को प्रभावित कर सकता है।
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किसान वोट बैंक: करपड़ा पार्टी का ग्रामीण और किसान चेहरा थे। उनके जाने से ग्रामीण इलाकों में आप की पकड़ कमजोर हो सकती है।
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संगठन पर असर: गोपाल इटालिया के करीबियों में से एक होने के नाते, उनका इस्तीफा पार्टी के आंतरिक समीकरणों में भी बदलाव का संकेत दे सकता है।
