गुजरात बजट 2026: ‘कंसारी देवी’ बनीं बजट बुक का चेहरा

0
Kansari Devi

गांधीनगर | गुजरात सरकार ने बुधवार को अपना वार्षिक बजट पेश किया, लेकिन इस बार चर्चा केवल वित्तीय आवंटन और योजनाओं तक सीमित नहीं रही। बजट की आधिकारिक पुस्तक (Budget Book) ने अपनी कलात्मक प्रस्तुति से सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। बजट कवर को पारंपरिक वारली पेंटिंग (Warli Painting) और आदिवासियों की आराध्य ‘कंसारी देवी’ की छवि से सजाया गया है।

सांस्कृतिक विरासत को सम्मान

गुजरात सरकार ने इस पहल के माध्यम से राज्य की समृद्ध आदिवासी संस्कृति और परंपराओं को राजकीय स्तर पर सम्मानित करने का प्रयास किया है। इस कलात्मक समावेश के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • वारली आर्ट का महत्व: वारली पेंटिंग मुख्य रूप से दक्षिण गुजरात के वलसाड और महाराष्ट्र के ठाणे जिले की जनजातियों की एक पारंपरिक कला शैली है।

  • सादगी में सुंदरता: इस चित्रकला की सबसे बड़ी विशेषता इसकी सादगी और प्रतीकात्मक अभिव्यक्ति है, जिसमें भीगे हुए चावल के सफेद रंग का उपयोग किया जाता है।

  • प्रकृति और मानव का मेल: वारली चित्रों में त्रिभुज, वृत्त और वर्ग जैसी ज्यामितीय आकृतियों के माध्यम से दैनिक जीवन, खेती, नृत्य और प्रकृति को दर्शाया जाता है।

कौन हैं ‘कंसारी देवी’?

बजट बुक के कवर पर इस बार कंसारी देवी का चित्र विशेष आकर्षण का केंद्र रहा है।

  • समृद्धि की प्रतीक: आदिवासियों के बीच कंसारी देवी को समृद्धि और खुशहाली की देवी माना जाता है।

  • अन्नपूर्णा माता: उन्हें अन्नपूर्णा माता के रूप में पूजा जाता है, जिनकी कृपा से घर-परिवार में सुख और धन-धान्य बना रहता है।

  • विशेष अवसर: नई फसल आने पर या विवाह जैसे शुभ अवसरों पर उनकी स्थापना और पूजा अनिवार्य मानी जाती है।

1200 साल पुरानी कला का संरक्षण

वारली चित्रकला का इतिहास लगभग 1200 साल पुराना बताया जाता है। आधुनिकता के दौर में लुप्त हो रही इस कला को सरकार ने बजट के माध्यम से एक नया मंच प्रदान किया है।

“पिछले चार वर्षों से कलाकार बीना हसमुख पटेल वारली शैली में बजट कवर तैयार करने की जिम्मेदारी निभा रही हैं, जिससे इस पारंपरिक कला को वैश्विक पहचान मिल रही है।”

गुजरात सरकार का यह कदम आर्थिक दस्तावेज को केवल आंकड़ों का पुलिंदा न रखकर, उसे राज्य की मिट्टी और लोककला से जोड़ने की एक सराहनीय कोशिश है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *