शेयर बाजार में हाहाकार: निवेशकों के लिए SIP बंद करना होगा आत्मघाती?

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भारतीय शेयर बाजार में बीते कुछ हफ्तों से जारी उतार-चढ़ाव ने निवेशकों, विशेषकर छोटे निवेशकों की नींद उड़ा दी है। ऑलटाइम हाई छूने के बाद बाजार में आई इस गिरावट ने सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या अब निवेश रोकने का सही समय है? विशेषज्ञों की मानें तो यह गिरावट डरने की नहीं, बल्कि रणनीति बदलने की है।

बाजार की मौजूदा स्थिति: 7 हफ्तों का लेखा-जोखा

बीते 7 हफ्तों में बाजार ने भारी दबाव झेला है। आंकड़ों पर नजर डालें तो गिरावट की गंभीरता स्पष्ट हो जाती है:

  • सेंसेक्स (Sensex): अपने रिकॉर्ड स्तर से करीब 3,800 अंक (4.4%) टूट चुका है। 20 जनवरी 2026 को यह 1,066 अंकों की गिरावट के साथ 82,180 के स्तर पर बंद हुआ।

  • निफ्टी 50 (Nifty 50): लाइफटाइम हाई (26,373) के मुकाबले करीब 1,100 अंक नीचे आ चुका है और फिलहाल 25,232 के स्तर पर है।

विशेषज्ञों का मत: बाजार का ऊंचे वैल्यूएशन पर होना और बजट से पहले की अनिश्चितता इस गिरावट के प्रमुख कारण माने जा रहे हैं।

SIP: गिरावट में असली परीक्षा और ताकत

जब बाजार लाल निशान में होता है, तब अक्सर निवेशक अपनी SIP (Systematic Investment Plan) रोकने की गलती करते हैं। लेकिन वित्तीय जानकार इसे ‘रुपये की औसत लागत’ (Rupee Cost Averaging) का सुनहरा मौका बताते हैं।

  1. ज्यादा यूनिट्स का फायदा: बाजार गिरने पर आपके उसी निवेश में म्यूचुअल फंड की ज्यादा यूनिट्स आवंटित होती हैं।

  2. कंपाउंडिंग की शक्ति: लंबी अवधि में यही अतिरिक्त यूनिट्स आपके रिटर्न को कई गुना बढ़ा देती हैं।

  3. अनुशासन: SIP निवेशकों को भावनात्मक फैसलों (डर या लालच) से बचाती है और निवेश में निरंतरता बनाए रखती है।

लंपसम (एकमुश्त) निवेश की रणनीति

अगर आपके पास एक बड़ी रकम निवेश के लिए है, तो विशेषज्ञों की सलाह है कि उसे एक बार में न लगाएं।

  • चरणबद्ध निवेश (Staggered Investment): अपनी रकम को 3-4 हिस्सों में बांटें।

  • अंतराल: हर हफ्ते या 15 दिनों के अंतराल पर निवेश करें ताकि खरीदारी की औसत लागत संतुलित रहे।

पोर्टफोलियो बैलेंस: रिस्क और रिटर्न का संतुलन

एक आदर्श पोर्टफोलियो के लिए विशेषज्ञों ने निम्नलिखित एसेट एलोकेशन की सलाह दी है:

मार्केट कैप सुझावित आवंटन (Allocation)
लार्ज कैप फंड्स 50% – 55%
मिड कैप फंड्स 20% – 25%
स्मॉल कैप फंड्स शेष (High Risk-High Return)

क्या करें निवेशक?

बाजार विशेषज्ञों का स्पष्ट संदेश है कि SIP को किसी भी हाल में बंद न करें। 3-4 प्रतिशत की गिरावट बाजार के सामान्य चक्र का हिस्सा है। आने वाले बजट सत्र के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है, जो अनुशासित निवेशकों के लिए खरीदारी का अच्छा अवसर साबित होगा। लंबी अवधि के लिए भारतीय अर्थव्यवस्था के बुनियादी संकेत (Fundamentals) अब भी मजबूत हैं।

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