45 साल में पहली बार बीएमसी में बनेगा बीजेपी का मेयर

0
bmc 163

मुंबई: महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों में राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं। प्रदेश की 29 नगर महापालिकाओं के नतीजों और रुझानों ने विपक्ष का लगभग सफाया कर दिया है। सबसे बड़ा उलटफेर देश की सबसे अमीर नगर पालिका, बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) में देखने को मिला है, जहाँ बीजेपी गठबंधन ने स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है।

महाराष्ट्र में ‘केसरिया’ लहर: 29 में से 23 निगमों पर कब्जा

प्रदेश भर में हुए चुनावों में बीजेपी गठबंधन (महायुति) ने प्रचंड जीत दर्ज की है। राज्य के 29 में से 23 नगर निगमों में गठबंधन आगे चल रहा है। पुणे, नागपुर और नासिक जैसे प्रमुख शहरों में भी गठबंधन को बड़ी बढ़त मिली है, लेकिन मुख्य आकर्षण मुंबई की जीत रही।

बीएमसी चुनाव: सीटों का पूरा समीकरण

मुंबई की 227 सीटों पर हुए कड़े मुकाबले में बीजेपी अब तक की सबसे बड़ी शक्ति बनकर उभरी है। बहुमत के लिए 114 सीटों की आवश्यकता थी, जबकि महायुति ने इस आंकड़े को पार कर लिया है:

पार्टी/गठबंधन सीटें/बढ़त
महायुति (कुल) 118
– बीजेपी 90
– शिवसेना (शिंदे गुट) 28
शिवसेना (UBT) 63
कांग्रेस 12
मनसे (MNS) 06
अन्य 10

45 साल का इंतजार खत्म: पहली बार बीजेपी का मेयर

1980 में पार्टी के गठन के बाद यह पहला मौका है जब बीजेपी मुंबई में अपना मेयर बनाने की स्थिति में है। 2017 के चुनावों में बीजेपी 82 सीटों के साथ शिवसेना के करीब पहुंची थी, लेकिन गठबंधन धर्म के कारण तब शिवसेना का मेयर बना था। इस बार बीजेपी ने अकेले 90 सीटों पर बढ़त बनाकर ठाकरे परिवार के दशकों पुराने गढ़ को ढहा दिया है। “मुंबई की सड़कों से लेकर सदन तक अब भगवा राज होगा। यह जीत विकास और विश्वास की जीत है।” – बीजेपी नेतृत्व

कौन होगा मुंबई का अगला मेयर?

मुंबई को चार साल के लंबे इंतजार के बाद अपना नया मेयर मिलने जा रहा है। बीजेपी ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि मेयर मराठी समुदाय से ही होगा। रेस में दो नाम सबसे आगे चल रहे हैं:

  1. नील सोमैया: दिग्गज नेता किरीट सोमैया के बेटे, जो दूसरी बार पार्षद चुने गए हैं।

  2. तेजस्वी घोसालकर: चुनाव से ठीक पहले उद्धव गुट छोड़कर बीजेपी में शामिल हुई तेजस्वी ने दहिसर से शानदार जीत दर्ज की है और उन्हें मेयर पद का प्रबल दावेदार माना जा रहा है।

मेयर की ताकत और चयन प्रक्रिया

बीएमसी में पार्षद (नगर सेवक) 5 साल के लिए चुने जाते हैं, जो मिलकर मेयर का चुनाव करते हैं। मेयर का कार्यकाल ढाई साल का होता है। हालांकि प्रशासनिक शक्तियां नगर आयुक्त (Municipal Commissioner) के पास होती हैं, लेकिन नीतिगत फैसलों और शहर के विकास बजट में मेयर की भूमिका अत्यंत प्रभावशाली होती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *