Zepto ला रहा है अपना IPO, कल दाखिल होगा DRHP
नई दिल्ली | भारत के क्विक कॉमर्स (Quick Commerce) बाजार में तहलका मचाने वाला स्टार्टअप जेप्टो (Zepto) अब दलाल स्ट्रीट पर अपनी धाक जमाने के लिए तैयार है। साल 2021 में शुरू हुई यह कंपनी अब शेयर बाजार में लिस्ट होने की प्रक्रिया शुरू कर रही है। ताजा रिपोर्ट्स के अनुसार, जेप्टो शुक्रवार, 26 दिसंबर को कॉन्फिडेंशियल रूट्स (Confidential Route) के जरिए अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) फाइल कर सकती है।
2026 में होगी स्टॉक मार्केट में एंट्री
मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, प्री-फाइलिंग का काम पूरा हो चुका है। उम्मीद जताई जा रही है कि जेप्टो 2026 की शुरुआत में शेयर बाजार में लिस्ट हो जाएगी। इसके साथ ही यह भारतीय स्टॉक एक्सचेंज में लिस्ट होने वाले सबसे कम उम्र के स्टार्टअप्स में से एक बन जाएगा।
ब्लिंकिट और स्विगी से होगा सीधा मुकाबला
जेप्टो के पब्लिक होने के बाद शेयर बाजार में क्विक कॉमर्स की ‘बिग थ्री’ कंपनियों के बीच जंग और तेज हो जाएगी। Blinkit (Eternal): इसका मार्केट कैप वर्तमान में लगभग $30 बिलियन है। Swiggy (Instamart): 25 दिसंबर तक स्विगी का मार्केट वैल्यूएशन लगभग $12 बिलियन रहा। Zepto: आईपीओ के जरिए जेप्टो अपनी विस्तार योजनाओं के लिए बड़ी पूंजी जुटाने की तैयारी में है। विशेषज्ञों का मानना है कि: “सिर्फ 5-6 साल पहले जो इंडस्ट्री अस्तित्व में भी नहीं थी, आज उसके तीन बड़े खिलाड़ी पब्लिक मार्केट में आमने-सामने होंगे। यह भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ है।”
स्टैनफोर्ड ड्रॉपआउट्स से यूनिकॉर्न तक का सफर
जेप्टो की कहानी किसी प्रेरणादायक फिल्म से कम नहीं है। इसकी शुरुआत आदित पालिचा और कैवल्य वोहरा ने की थी, जिन्होंने अपने सपनों को पूरा करने के लिए मशहूर स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी तक छोड़ दी। शुरुआत: इन्होंने व्हाट्सएप के जरिए ग्रोसरी डिलीवरी शुरू की थी। किराना कार्ट: इसे शुरुआत में ‘किराना कार्ट’ नाम दिया गया था। 10 मिनट मॉडल: बाद में डार्क स्टोर्स का इस्तेमाल कर ’10 मिनट डिलीवरी’ का मॉडल अपनाया और कंपनी का नाम बदलकर ‘जेप्टो’ रखा गया।
क्या है ‘कॉन्फिडेंशियल रूट’?
जेप्टो ने अपने आईपीओ के लिए ‘कॉन्फिडेंशियल रूट’ का विकल्प चुना है। इसका मतलब है कि कंपनी अपने वित्तीय विवरणों को तब तक सार्वजनिक नहीं करेगी जब तक कि उसे सेबी (SEBI) से अंतिम मंजूरी नहीं मिल जाती। यह प्रक्रिया कंपनी को अपनी संवेदनशील व्यावसायिक जानकारी सुरक्षित रखने में मदद करती है।
