मुंबई में ‘महिला राज’ तय, तेजस्वी घोसाळकर की दावेदारी मजबूत

bmc 2212026

मुंबई | बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) के अगले मेयर को लेकर सस्पेंस अब खत्म हो गया है। आज यानी 22 जनवरी को मंत्रालय में निकाली गई आरक्षण लॉटरी में मुंबई मेयर का पद ‘सर्वसाधारण महिला’ (General Woman) श्रेणी के लिए आरक्षित किया गया है। इस फैसले के साथ ही अब मुंबई को एक बार फिर महिला मेयर मिलना तय हो गया है।

बहुमत का गणित: महायुति के पास ‘चाबी’

हाल ही में संपन्न हुए बीएमसी चुनावों में किसी भी दल को अपने दम पर पूर्ण बहुमत नहीं मिला था, लेकिन भाजपा (89 सीटें) और एकनाथ शिंदे की शिवसेना (29 सीटें) मिलकर 118 के आंकड़े तक पहुंच गई हैं। 227 सीटों वाले सदन में बहुमत के लिए 114 सीटों की जरूरत है। ऐसे में महायुति (BJP+Sena) का मेयर बनना तय माना जा रहा है।

तेजस्वी घोसाळकर का नाम चर्चा में

मेयर पद महिला के लिए आरक्षित होने के बाद अब राजनीतिक गलियारों में नामों पर चर्चा तेज है। सूत्रों के मुताबिक, शिंदे गुट की पार्षद तेजस्वी घोसाळकर इस दौड़ में सबसे आगे चल रही हैं।

  • तेजस्वी घोसाळकर ने चुनाव से ऐन पहले उद्धव गुट छोड़कर शिंदे की शिवसेना का दामन थामा था।

  • इसके अलावा बीजेपी की ओर से रानी द्विवेदी और श्वेता कोरगावकर जैसे नाम भी चर्चा में हैं।

  • माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे मेयर पद के लिए अपनी पार्टी की दावेदारी पेश कर सकते हैं।

विपक्ष का हंगामा: ‘लॉटरी फिक्स्ड’ होने का आरोप

आरक्षण प्रक्रिया के दौरान भारी ड्रामा भी देखने को मिला। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) ने इस लॉटरी का कड़ा विरोध किया। पूर्व मेयर किशोरी पेडणेकर ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने सत्ता पक्ष को फायदा पहुंचाने के लिए नियमों में बदलाव किया है।

“नियम के मुताबिक इस बार सीट OBC या ST महिला के लिए आरक्षित होनी चाहिए थी, लेकिन इसे जानबूझकर जनरल रखा गया। यह लोकतंत्र की हत्या है।” — किशोरी पेडणेकर, शिवसेना (UBT)

विरोध स्वरूप यूबीटी के नेताओं ने लॉटरी प्रक्रिया के बीच में ही वॉकआउट कर दिया।

प्रमुख शहरों में मेयर आरक्षण की स्थिति (2026)

आज हुई लॉटरी में केवल मुंबई ही नहीं, बल्कि महाराष्ट्र के अन्य बड़े शहरों के लिए भी आरक्षण तय कर दिया गया है:

शहर आरक्षण श्रेणी
मुंबई सर्वसाधारण महिला
पुणे सर्वसाधारण महिला
नागपुर सर्वसाधारण महिला
ठाणे अनुसूचित जाति (SC)
नाशिक सर्वसाधारण महिला

अब सभी राजनीतिक दल आधिकारिक तौर पर अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित करेंगे। इसके बाद बीएमसी सदन में पार्षदों के मतदान के जरिए नए मेयर का चुनाव होगा।