BCCI ने KKR को दिया मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज करने का आदेश
नई दिल्ली/कोलकाता: बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ जारी हिंसा की आग अब क्रिकेट के मैदान तक पहुंच गई है। भारत में बढ़ते जनाक्रोश और विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने एक बड़ा कदम उठाया है। बीसीसीआई ने कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) को अपने स्टार बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को तत्काल प्रभाव से रिलीज करने का निर्देश दिया है।
इस फैसले ने न केवल खेल जगत में हलचल पैदा कर दी है, बल्कि आईपीएल ऑक्शन की चयन प्रक्रिया पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
शाहरुख खान और बीसीसीआई निशाने पर
मुस्तफिजुर रहमान को टीम में शामिल करने को लेकर केकेआर के मालिक शाहरुख खान हिंदू संगठनों के निशाने पर हैं। सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक यह मांग उठ रही थी कि जब बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार हो रहे हैं, तो वहां के क्रिकेटरों को भारत में खेलने का मौका क्यों दिया जा रहा है? लोगों का गुस्सा बीसीसीआई पर भी है कि उन्होंने बांग्लादेशी खिलाड़ियों को ऑक्शन लिस्ट में शामिल ही क्यों होने दिया।
कैसे तय होता है कि कौन सा खिलाड़ी ऑक्शन में आएगा?
आम जनता के मन में यह सवाल है कि क्या कोई भी खिलाड़ी आईपीएल खेल सकता है? इसका जवाब आईपीएल की जटिल पंजीकरण प्रक्रिया में छिपा है:
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रजिस्ट्रेशन (Registration): अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को अपने संबंधित क्रिकेट बोर्ड के जरिए बीसीसीआई के पास आवेदन करना होता है। कुछ बड़े खिलाड़ी सीधे भी आवेदन कर सकते हैं।
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बेस प्राइस (Base Price): रजिस्ट्रेशन के समय खिलाड़ी को अपना न्यूनतम मूल्य (Base Price) खुद तय करना होता है।
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विश लिस्ट (Wish List): बीसीसीआई सभी आवेदनकर्ताओं की सूची टीमों को भेजता है। टीमें उनमें से उन खिलाड़ियों को चुनती हैं जिन पर वे बोली लगाना चाहती हैं। इसे ‘विश लिस्ट’ कहते हैं।
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फाइनल ऑक्शन लिस्ट: टीमों की विश लिस्ट के आधार पर छंटनी होती है। अंत में बीसीसीआई अपनी तरफ से भी कुछ नाम जोड़कर फाइनल लिस्ट तैयार करता है।
बीसीसीआई का ‘वीटो पावर’: सबसे बड़ा हथियार
हालांकि खिलाड़ियों को चुनना टीमों की पसंद पर निर्भर करता है, लेकिन अंतिम फैसला (Veto Power) हमेशा बीसीसीआई के पास रहता है।
| स्थिति | बीसीसीआई की कार्रवाई |
| पाकिस्तान के खिलाड़ी | वीटो पावर का इस्तेमाल कर लंबे समय से बैन। |
| हैरी ब्रूक (2026) | नियमों के उल्लंघन या बोर्ड के विवेक के आधार पर इस साल ऑक्शन से बाहर रखा गया। |
| मुस्तफिजुर रहमान | देश के माहौल और सुरक्षा कारणों का हवाला देकर रिलीज का आदेश। |
बोर्ड के पास यह अधिकार सुरक्षित है कि वह किसी भी देश या खिलाड़ी को सुरक्षा या कूटनीतिक कारणों से आईपीएल प्रक्रिया से बाहर कर सकता है।
नीलामी के दौरान भी होता है बदलाव
नीलामी के दौरान खिलाड़ियों को अलग-अलग सेट (बल्लेबाज, गेंदबाज, ऑलराउंडर) में बांटा जाता है। अगर कोई खिलाड़ी ‘अनसोल्ड’ (बिना बिका) रह जाता है, तो अंत में टीमों की इच्छा पर उसे दोबारा नीलामी के लिए लाया जा सकता है। लेकिन मुस्तफिजुर के मामले ने यह साफ कर दिया है कि खेल और राजनीति अब पूरी तरह अलग नहीं रह गए हैं।
न्यूजहॉक (Newshawk) टेक: मुस्तफिजुर रहमान का जाना केकेआर के लिए एक बड़ा गेंदबाजी झटका हो सकता है, लेकिन बीसीसीआई ने देश की भावनाओं को प्राथमिकता देते हुए यह कड़ा संदेश दिया है।
