UP में ठंड का सितम: शिमला-मनाली से भी ज्यादा ठंडी हुई काशी, मौसम विभाग ने जारी किया रेड अलर्ट
वाराणसी/लखनऊ | विशेष संवाददाता उत्तर प्रदेश में मौसम ने जानलेवा करवट ली है। पिछले तीन दिनों से जारी घने कोहरे और बर्फीली हवाओं के चलते पूरा प्रदेश ‘कोल्ड डे’ की चपेट में है। चौंकाने वाली बात यह है कि धर्मनगरी वाराणसी (काशी) का तापमान शिमला, शिलांग और मनाली जैसे पहाड़ी स्टेशनों से भी नीचे चला गया है। बनारस अब देश के 10 सबसे ठंडे शहरों की सूची में शामिल हो गया है।
वाराणसी में 6 साल का रिकॉर्ड टूटा
मौसम विज्ञानियों के अनुसार, वाराणसी में अधिकतम तापमान में अचानक 10 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डॉ. अतुल कुमार सिंह ने बताया कि दिसंबर के तीसरे सप्ताह में तापमान का इतना गिरना साल 2019 के बाद पहली बार हुआ है। उस वर्ष दिसंबर के अंत में पारा 9.1 डिग्री तक गया था, लेकिन इस बार महीने के मध्य में ही कड़ाके की ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
जेट स्ट्रीम का असर: कोहरे में समाया पूर्वांचल
मौसम विभाग के मुताबिक, ऊपरी क्षोभ मंडल में उत्तर भारत से गुजर रही ‘उष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम’ (Western Jet Stream) के कारण उत्तर प्रदेश के वायुमंडल में नमी का स्तर बढ़ गया है। इसी के प्रभाव से पूर्वांचल समेत पूरा प्रदेश घने कोहरे की चादर में लिपटा हुआ है। धूप न निकलने के कारण दिन के तापमान में भारी गिरावट आई है।
अगले 3 दिन भारी: रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले 72 घंटों के लिए चेतावनी जारी की है:
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रेड अलर्ट (पूर्वांचल): वाराणसी, प्रयागराज, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया और कुशीनगर में ‘अत्यधिक शीत दिवस’ रहने का अनुमान है।
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ऑरेंज अलर्ट (पश्चिमी व मध्य UP): लखनऊ, कानपुर, आगरा, मेरठ, मथुरा, सहारनपुर, अलीगढ़ और बाराबंकी में भारी शीतलहर (Cold Wave) चलने की संभावना है।
यातायात और जनजीवन प्रभावित
कोहरे के कारण विजिबिलिटी (दृश्यता) शून्य से 50 मीटर के बीच रह गई है, जिससे रेल, हवाई और सड़क यातायात पर बुरा असर पड़ा है। प्रशासन ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और ठंड से बचाव के पुख्ता इंतजाम करने की सलाह दी है।
