मैं रूल करने नहीं, रोल अदा करने आया हूं: पंकज चौधरी

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी को अपना नया सेनापति मिल गया है। महराजगंज लोकसभा सीट से 7 बार के सांसद और केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी को रविवार को निर्विरोध यूपी बीजेपी का 17वां प्रदेश अध्यक्ष चुना गया। लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय चुनाव अधिकारी पीयूष गोयल ने उनके निर्वाचन की औपचारिक घोषणा की।

मंच का नजारा भावुक करने वाला था। निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह चौधरी ने नवनियुक्त अध्यक्ष को पार्टी का झंडा सौंपा और अपनी कुर्सी खाली कर उन्हें बैठाया। कमान संभालते ही पंकज चौधरी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पैर छूकर आशीर्वाद लिया और संगठन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प दोहराया।

‘रूल’ नहीं ‘रोल’ वाला अध्यक्ष: पंकज चौधरी कार्यभार ग्रहण करने के बाद अपने पहले ही संबोधन में पंकज चौधरी ने कार्यकर्ताओं का दिल जीत लिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे यहां शासन करने नहीं, बल्कि सेवा करने आए हैं।

  • बड़ा बयान: “मैं प्रदेश संगठन में ‘रूल’ (Rule) करने नहीं, बल्कि ‘रोल’ (Role) अदा करने आया हूं। सिर्फ आदेश देना नेतृत्व नहीं है। मैं कार्यकर्ताओं की सुनूंगा, उनके लिए लडूंगा और जरूरत पड़ी तो मरूंगा।”

  • 4 मूल मंत्र: उन्होंने अपने कार्यकाल के लिए चार सूत्र दिए— संगठन, संपर्क, संवाद और समन्वय।

  • कार्यकर्ता सम्मान: उन्होंने कहा, “किसी पद पर बैठा व्यक्ति ‘भूतपूर्व’ हो सकता है, लेकिन कार्यकर्ता कभी भूतपूर्व नहीं होता। वही पार्टी की असली ताकत है।”

पार्षद से प्रदेश अध्यक्ष तक: शून्य से शिखर का सफर पंकज चौधरी की ताजपोशी इसलिए भी खास है क्योंकि उनका कोई राजनीतिक ‘गॉडफादर’ नहीं रहा।

  • संघर्ष: एक सामान्य व्यापारी परिवार से आने वाले पंकज ने अपना सफर गोरखपुर नगर निगम के पार्षद और फिर उपमहापौर के रूप में शुरू किया था।

  • रिकॉर्ड जीत: वे महराजगंज से 7 बार सांसद रह चुके हैं। 2019 के चुनाव में उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को 3.40 लाख से अधिक वोटों से हराकर अपनी लोकप्रियता साबित की थी।

  • मोदी सरकार में भरोसा: उनके शांत स्वभाव और काम के प्रति समर्पण को देखते हुए ही 2021 में उन्हें मोदी मंत्रिमंडल में जगह मिली और 2024 में दोबारा वित्त राज्य मंत्री बनाया गया।

अब 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यूपी बीजेपी की कमान एक ऐसे ओबीसी चेहरे (कुर्मी समाज) के हाथ में है, जिसकी पकड़ संगठन और समाज के सभी वर्गों में मजबूत मानी जाती है।

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