यूपी में अवैध घुसपैठियों की पहचान और डिटेंशन सेंटर बनाने का निर्देश

0
cm yogi

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर कठोर और निर्णायक प्रशासनिक कदम उठाते हुए सभी जिलाधिकारियों को अवैध घुसपैठियों की पहचान कर कार्रवाई तेज करने का आदेश दिया है। नए निर्देशों के अनुसार, जिलों में अवैध विदेशी नागरिकों की पहचान, डिटेंशन सेंटर की स्थापना और देश से निष्कासन की प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से आगे बढ़ाया जाएगा।

यह आदेश उस समय आया है जब चुनाव आयोग देशभर में—विशेषकर उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में—विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान (SIR) चला रहा है। माना जा रहा है कि घुसपैठ के खिलाफ योगी सरकार की यह मुहिम आने वाले महीनों में राष्ट्रीय राजनीतिक विमर्श को प्रभावित करेगी।

2026 के चुनावों पर पड़ेगा असर

अगले वर्ष असम, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव होने हैं। इनमें से पश्चिम बंगाल, असम और केरल ऐसे राज्य हैं जहां घुसपैठ और जनसांख्यिकीय बदलाव लंबे समय से संवेदनशील मुद्दे बने हुए हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी इस विषय को राष्ट्रीय सुरक्षा और जनसंख्या संतुलन के मुद्दे के रूप में उभारकर बड़ा चुनावी हथियार बना सकती है।

शेख हसीना सरकार के पतन के बाद घुसपैठ पर बढ़ी राजनीति

बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार गिरने के बाद वहां अल्पसंख्यकों पर हुए हमलों ने भारत के सीमावर्ती राज्यों में चिंता बढ़ाई।
बीजेपी ने 2025 के महाराष्ट्र, हरियाणा, दिल्ली और बिहार चुनावों में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था, और राजनीतिक पंडितों के अनुसार दिल्ली में आम आदमी पार्टी की हार का एक प्रमुख कारण यह मुद्दा भी था।

प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की रणनीति में सीएम योगी आदित्यनाथ की सख्त छवि का प्रभावी इस्तेमाल देखने को मिला—अब माना जा रहा है कि यही रणनीति आगे और मजबूत होगी।

उत्तर प्रदेश में घुसपैठियों की संख्या बड़ी चुनौती

2017 में सत्ता संभालते ही CM योगी ने अवैध विदेशी नागरिकों की पहचान और वापसी की प्रक्रिया शुरू की थी। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, उत्तर प्रदेश में घुसपैठियों की संख्या काफी अधिक हो सकती है, और बांग्लादेश में हाल की राजनीतिक उथल-पुथल के बाद यह मुद्दा और अधिक गंभीर माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यूपी में की गई कोई भी ठोस कार्रवाई देशभर में बीजेपी को राजनीतिक बढ़त दे सकती है।

2026 बंगाल चुनाव में योगी का बड़ा रोल संभव

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार द्वारा घुसपैठ पर की गई कार्रवाई बंगाल, असम और अन्य राज्यों में भी राजनीतिक बहस को और तेज करेगी।
संकेत स्पष्ट हैं—2026 के बंगाल चुनावों में प्रधानमंत्री मोदी के साथ योगी आदित्यनाथ की लोकप्रियता और “कठोर प्रशासक” वाली छवि को बीजेपी एक बड़े रणनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर सकती है।

उत्तर प्रदेश के 2027 विधानसभा चुनावों में भी यह कदम बीजेपी को विपक्ष पर बढ़त दिला सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *