लखनऊ एयरपोर्ट पर निजी कारों के नाम पर चल रही 133 टैक्सियाँ पकड़ी गईं, 69 गाड़ियाँ सीज़
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में परिवहन विभाग की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर निजी कार के नाम पर व्यावसायिक रूप से चल रही 133 गाड़ियाँ पकड़ी गईं, जिनमें से 69 वाहनों को सीज़ कर थाने में जमा कराया गया है। यह अभियान 17 से 20 नवंबर के बीच चलाया गया।
707 वाहनों की जांच, 133 पकड़े गए कॉमर्शियल इस्तेमाल में
संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) प्रभात पांडेय के अनुसार, शासन के निर्देश पर एयरपोर्ट पर दो शिफ्टों में तीन प्रवर्तन टीमों ने मिलकर कुल 707 गाड़ियों की जांच की। इनमें 133 निजी वाहन टैक्सी की तरह संचालित होते मिले, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है।
टैक्सी में परिवर्तन होने पर ही छोड़े जाएंगे वाहन
– विभाग ने बताया कि जिन 69 वाहनों को सीज़ किया गया है, उन्हें तभी छोड़ा जाएगा जब मालिक वाहन को कानूनी रूप से टैक्सी श्रेणी में परिवर्तित कर शुल्क जमा करेंगे।
– अभी तक 6 वाहन मालिकों ने गाड़ी को टैक्सी में परिवर्तित कर पूरा शुल्क जमा किया, जिसके बाद उन्हें वाहन वापस दे दिए गए।
टीम में शामिल अधिकारी
अभियान चलाने वाली संयुक्त टीम में शामिल रहे— आभा त्रिपाठी, अनीता वर्मा, एसपी देव, खेमानंद पांडेय (हरदोई), आब्दीन अहमद (सीतापुर), और कौशलेंद्र प्रताप (लखीमपुर खीरी)।
क्यों की गई यह कार्रवाई?
एयरपोर्ट पर कई महीनों से शिकायतें मिल रही थीं कि निजी नंबर की कारें ऐप टैक्सी और एयरपोर्ट टैक्सी के रूप में किराये पर चलाई जा रही हैं, जिससे—
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सरकारी राजस्व की हानि
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वैध टैक्सी ऑपरेटरों को नुकसान
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सुरक्षा नियमों का उल्लंघन हो रहा था।
