Physics Wallah का IPO 1.81 गुना सब्सक्राइब; अलख पांडे की सफलता की कहानी

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Physics Wallah का IPO 1.81 गुना सब्सक्राइब; अलख पांडे की सफलता की कहानी

एडटेक कंपनी फिजिक्सवाला (Physics Wallah) के आईपीओ (IPO) को बोली लगने के आखिरी दिन यानी गुरुवार को करीब 2 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। कुल 18,62,04,143 शेयरों के मुकाबले 33,62,27,044 शेयरों के लिए बोलियां आईं, जिससे यह इश्यू 1.81 गुना सब्सक्राइब हुआ।

यह जानकारी पीटीआई (PTI) ने नई दिल्ली से दी है। फिजिक्सवाला के आईपीओ में निवेशकों ने अच्छी दिलचस्पी दिखाई। बोली के आखिरी दिन तक, कंपनी के कुल 18,62,04,143 शेयरों के लिए 33,62,27,044 शेयरों की मांग आई। इस तरह, यह आईपीओ 1.81 गुना भर गया।

इसका मतलब है कि जितने शेयर बेचने के लिए रखे गए थे, उससे कहीं ज्यादा निवेशकों ने उन्हें खरीदने की इच्छा जताई। यह एडटेक सेक्टर की एक बड़ी कंपनी के लिए एक सकारात्मक संकेत है।

अलख की ये कंपनी अब आईपीओ लेकर आई है। IPO 11 नवंबर को ओपन हुआ था और 3 दिन में टोटल 1.92 गुना सब्सक्राइब हुआ। आज इसे सब्सक्राइब करने का आखिरी दिन था।

फिजिक्स वाला के IPO से जुड़ी बड़ी बातें…

  • फिजिक्स वाला ने आईपीओ का प्राइस बैंड ₹103 से ₹109 के बीच तय किया गया है।
  • ₹3,100 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹380 करोड़ रुपए का ऑफर फॉर सेल शामिल है।
  • प्रमोटर अलख पांडे और प्रतीक बूब दोनों ही OFS के जरिए ₹190 करोड़ के शेयर बेचेंगे।
  • अलख पांडे और प्रतीक बूब दोनों के पास मिलाकर कंपनी का 40.31% हिस्सा है।
  • लॉट साइज 137 शेयर्स है। यानी, रिटेल को कम से कम ₹14,933 का निवेश करना होगा।।
  • रिटेल के लिए मैक्सिमम लॉट साइज 13 है। इसके लिए ₹1,94,129 निवेश करने होंगे।
  • आईपीओ गुरुवार, 13 नवंबर को बंद हो रहा है, लिस्टिंग 18 नवंबर को होगी।

अलख पांडे की सफलता की कहानी

ये एक ऐसे लड़के की कहानी है, जो बचपन में ‘एवरेज’ स्टूडेंट था। मैथ्स से डरता था और घर की हालत ऐसी कि पिता की नौकरी चली गई, घर, स्कूटर सब बिक गया। लड़के का नाम था अलख पांडे। लेकिन आज वही अलख ‘फिजिक्स वाला’ के नाम से मशहूर है। एक एडटेक यूनिकॉर्न फाउंडर, जिसका सफर 9 साल पहले यूट्यूब चैनल से शुरू हुआ था। आज अलख की कंपनी की वैल्यूएशन करीब ₹30 हजार करोड़ है। वहीं खुद की नेटवर्थ ₹14,510 करोड़ है, जो शाहरुख खान की ₹12,490 करोड़ की नेटवर्थ से भी ज्यादा है।

अलख का जन्म 1991 में प्रयागराज, उत्तर प्रदेश में हुआ। घर की हालत बिल्कुल टाइट। पिता की नौकरी चली गई, घर और स्कूटर तक बिक गया। फैमिली को छोटी सी किराए की जगह में शिफ्ट होना पड़ा। पापा साइकिल पर तेल बेचने लगे, ताकि दो वक्त की रोटी चल सके।

अलख तब आठवीं क्लास में थे। स्टूडेंट्स में ‘बिल्कुल एवरेज’, मैथ्स तो जैसे दुश्मन। लेकिन इन मुश्किलों ने उन्हें जिम्मेदार बनाया। पढ़ाई पर फोकस किया, लेकिन पैसों की तंगी को देखते हुए छोटे बच्चों को ट्यूशन भी देने लगे। अलख कहते हैं- “मैंने महसूस किया कि मैं दिल से टीचर हूं।

प्रयागराज के कॉलेज में पढ़ाई शुरू की, लेकिन तीसरे साल में दिल भर गया। अलख कहते है कि उनका “ट्रेडिशनल एजुकेशन से इंटरेस्ट खत्म,” हो गया था। फैमिली ने कॉलेज छोड़ने के लिए मना किया, लेकिन उन्होंने फिर भी ड्रॉपआउट मार लिया। फुल-टाइम ट्यूटर बन गए।

उस समय वो अलग-अलग कोचिंग क्लासेस में फिजिक्स पढ़ाते थे। लेकिन, हालत इतनी खराब थी कि दोस्त की गाड़ी से कोचिंग जाना पड़ता था और कई बार ऐसा लगता था कि रास्ते में गाड़ी का पेट्रोल न खत्म हो जाए। फिर 2015 में फेसबुक पेज बनाया, जो फ्लॉप हो गया।

2016 में यूट्यूब चैनल शुरू किया। नाम रखा ‘फिजिक्स वाला’। वीडियो बनाए, एडिट किए, पोस्ट किए। टीचिंग स्टाइल कमाल की थी। देसी ह्यूमर, शायरी, रियल-लाइफ स्टोरीज और स्टूडेंट्स से सीधा कनेक्ट। उनका एक्टिंग का शौक यहां काम आया।

एक साल तक कंटेंट डालते रहे। आखिर में 8 हजार रुपए की पहली कमाई आई। कोचिंग से भी अच्छी सैलरी आने लगी थी। सब कुछ स्मूथ चल रहा था। लेकिन जब सब ठीक चल रहा था, तब जॉब छोड़ दी। कोई दूसरी नौकरी नहीं, कोई प्लान बी नहीं।

अब फुल-टाइम यूट्यूब पर वीडियो बनाने लगे। धीरे-धीरे सब्सक्राइबर्स बढ़ने लगे और अलख बच्चों के बीच पॉपुलर चेहरा बन गए। 2020 में लाइव क्लासेस के लिए खुद का एंड्रॉयड एप लॉन्च किया। कुछ ही दिनों में इसके 35,000 यूजर्स हो गए।

फिजिक्स वाला के फाउंडर अलख पांडे अकेले नहीं है। इस स्टार्टअप को बनाने में उनकी मदद प्रतीक महेश्वरी ने की। प्रतीक स्टार्टअप मैनेजमेंट के एक्सपर्ट हैं। अलख कहते हैं, “मैं टीचिंग से प्यार करता हूं, बिजनेस नहीं। प्रतीक ने मैनेजमेंट संभाला।”

कोविड-19 के कारण देश में लॉकडाउन लग गया। इससे ऑनलाइन लर्निंग को बूम मिला। तेजी से एप यूजर्स बढ़ने लगे। आज PW एप पर 1 करोड़ से ज्यादा स्टूडेंट्स पेड मेंबर हैं। 80 यूट्यूब चैनल्स से 3.6 करोड़ से ज्यादा स्टूडेंट्स को एजुकेशन मिल रहा है।

2020 में राजस्थान के कोटा में PW विद्यापीठ नाम से पहला ऑफलाइन सेंटर भी खोला था। आज 100+ शहरों में 120+ ऑफलाइन सेंटर्स है। कंपनी IIT JEE, नीट, गेट, NDA, UPSC जैसे एग्जाम की तैयारी करवाने के साथ स्कूल प्रिपरेशन भी करवाता है।

इसके कोर्सेज की सस्ती कीमतों ने ब्रांड को मजबूत बनाया है। JEE और NEET के एक साल के बैच की फीस ₹2000 से ₹5000 के बीच है। कॉम्पिटिटर्स करीब 80,000 वसूलते हैं।

 

 

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