ट्रंप को मिडटर्म चुनाव में झटका, हार के बाद डेमोक्रेट्स के साथ काम करने को तैयार
वॉशिंगटन। अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका लगा है। कई अहम सीटों पर डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की राजनीतिक मुश्किलें बढ़ गई हैं। चुनावी नतीजों के बीच ट्रंप ने अपनी पार्टी की हार पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर वह खुद चुनावी बैलेट पर होते तो रिपब्लिकन पार्टी भारी बहुमत से जीत हासिल करती।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर किया बड़ा दावा
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए लिखा कि वह चुनाव में उम्मीदवार नहीं थे। अगर उनका नाम बैलेट पर होता तो रिपब्लिकन पार्टी ऐतिहासिक जीत दर्ज करती।
ट्रंप ने लिखा, “मैं बैलेट पर नहीं था और अगर होता तो हम भारी बहुमत से जीतते।”
उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी ने कई महत्वपूर्ण सीटों पर रिपब्लिकन उम्मीदवारों को शिकस्त दी है।
डेमोक्रेट्स को मिली बड़ी बढ़त
अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, डेमोक्रेटिक पार्टी प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) में रिपब्लिकन पार्टी से नियंत्रण हासिल करने की स्थिति में पहुंच गई है। सीनेट की कई सीटों पर भी डेमोक्रेट्स ने महत्वपूर्ण जीत दर्ज की है।
दक्षिण कैरोलिना में ट्रंप समर्थित रिपब्लिकन उम्मीदवार डार्लिन ग्राहम को डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एनी एंड्रयूज ने हराकर बड़ा उलटफेर किया। टेक्सास और अन्य राज्यों में भी डेमोक्रेट्स की सफलता ने रिपब्लिकन पार्टी की चिंता बढ़ा दी है।
डेमोक्रेट्स के साथ काम करने को तैयार ट्रंप
चुनावी झटकों के बीच ट्रंप ने द न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए इंटरव्यू में कहा कि वह चुनाव परिणाम स्वीकार करने और डेमोक्रेटिक पार्टी के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि वह डेमोक्रेट्स के साथ काम करने को लेकर पूरी तरह तैयार हैं और आगे मिलकर रास्ता निकालने की कोशिश करेंगे।
महंगाई और आर्थिक नीतियां बनीं चुनौती
चुनाव के दौरान मतदाताओं के बीच महंगाई, बढ़ती जीवन लागत, टैरिफ नीतियों और ईरान युद्ध को लेकर नाराजगी देखने को मिली। एग्जिट पोल के मुताबिक, बड़ी संख्या में मतदाताओं ने आर्थिक स्थिति को मतदान का महत्वपूर्ण मुद्दा बताया।
राजनीतिक विश्लेषकों के लिए ये नतीजे ट्रंप प्रशासन के लिए एक अहम संकेत हैं। यदि डेमोक्रेट्स कांग्रेस के किसी सदन या दोनों सदनों में नियंत्रण हासिल करते हैं, तो ट्रंप सरकार की नीतियों और फैसलों पर निगरानी तथा जांच का दबाव बढ़ सकता है।
अमेरिकी राजनीति में अब सबकी नजर इस बात पर है कि मिडटर्म चुनाव के बाद कांग्रेस में सत्ता का संतुलन किस तरह बदलता है और इसका ट्रंप के बाकी कार्यकाल पर क्या असर पड़ता है।
