ट्रांसफर के महज 4 दिन बाद IPS अनुराग सुजानिया ने दिया इस्तीफा
भोपाल। मध्य प्रदेश पुलिस महकमे में उस समय हलचल मच गई, जब 2014 बैच के IPS अधिकारी अनुराग सुजानिया ने भारतीय पुलिस सेवा से इस्तीफा दे दिया। खास बात यह है कि उन्होंने सागर के पुलिस अधीक्षक (SP) पद से हटाए जाने के महज चार दिन बाद ही अपना त्यागपत्र सरकार को सौंप दिया। सुजानिया ने इस्तीफे के पीछे व्यक्तिगत कारण बताए हैं।
2 नवंबर को सौंपा इस्तीफा
मिली जानकारी के मुताबिक, अनुराग सुजानिया ने सोमवार, 2 नवंबर को मध्य प्रदेश सरकार को अपना इस्तीफा सौंपा। इससे पहले 27 अक्टूबर को जारी प्रशासनिक तबादला आदेश में उन्हें सागर एसपी के पद से हटाकर भोपाल पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक (AIG) के पद पर भेजा गया था।
हालांकि, नई जिम्मेदारी मिलने के कुछ ही दिनों बाद उनके इस्तीफे की खबर सामने आने से पुलिस विभाग में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
जहरीली शराब कांड के बाद हुआ था तबादला
अनुराग सुजानिया का तबादला सागर जिले के बांदा क्षेत्र में हुए जहरीली शराब कांड के बाद किया गया था। इस घटना में अवैध रूप से तैयार जहरीली शराब पीने से कम से कम 16 लोगों की मौत की आधिकारिक पुष्टि हुई थी।
इस घटना ने पूरे प्रदेश में हड़कंप मचा दिया था। अवैध शराब के कारोबार और पुलिस प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठे थे। घटना के बाद सरकार ने सागर जिले के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक दोनों का तबादला किया था।
संजीव कुमार सिन्हा बने नए SP
प्रशासनिक फेरबदल के तहत अनुराग सुजानिया की जगह 2016 बैच के IPS अधिकारी संजीव कुमार सिन्हा को सागर का नया पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया।
इस फेरबदल में सागर और देवास जिलों के प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के पदों में भी बदलाव किए गए थे।
2014 बैच के IPS अधिकारी हैं सुजानिया
अनुराग सुजानिया मध्य प्रदेश कैडर के 2014 बैच के IPS अधिकारी हैं। मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले सुजानिया ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है और उनके पास एमटेक की डिग्री है।
अपने पुलिस करियर में वह टीकमगढ़, मंदसौर, मुरैना और सागर जैसे जिलों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। सागर में उन्होंने करीब छह महीने तक पुलिस अधीक्षक के रूप में काम किया।
इस्तीफा स्वीकार होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं
अनुराग सुजानिया के इस्तीफे के बाद अब सबकी नजर मध्य प्रदेश सरकार के फैसले पर है। फिलहाल उनके इस्तीफे को स्वीकार किए जाने की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
गौरतलब है कि सुजानिया ने अपने त्यागपत्र में व्यक्तिगत कारणों का हवाला दिया है। उनके तबादले और इस्तीफे के बीच किसी आधिकारिक संबंध की पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पुलिस और प्रशासनिक हलकों में चर्चाएं जारी हैं।
