बच्चों के हाथों में किताबों की जगह थमा दी गई थीं बंदूकें: अमित शाह
रायपुर/नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ अभियान को बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि राज्य अब नक्सलवाद से मुक्त होकर विकास और सुशासन के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। मंगलवार को नवा रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के समापन समारोह में उन्होंने कहा कि अब प्रदेश की पहचान हिंसा और भय से नहीं, बल्कि अपनी सांस्कृतिक विरासत, विकास और समृद्धि से होगी।
‘बच्चों के हाथों में किताबों की जगह बंदूकें थमा दी गईं’
अमित शाह ने अपने संबोधन में नक्सलवाद के कारण आदिवासी इलाकों को हुए नुकसान का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जिन जंगलों में महुआ, तेंदूपत्ता और लोकगीतों की गूंज होनी चाहिए थी, वहां बारूदी सुरंगें बिछाई गईं। जिन बच्चों के हाथों में किताब और कलम होनी चाहिए थी, उन्हें बंदूकें थमा दी गईं।
उन्होंने आरोप लगाया कि नक्सली हिंसा के कारण स्कूलों को नुकसान पहुंचाया गया और विकास के लिए सड़कें बनाने वाले लोगों को निशाना बनाया गया। शाह ने कहा कि नक्सलवाद ने छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान और विकास की संभावनाओं को लंबे समय तक प्रभावित किया।
अटल बिहारी वाजपेयी को दिया राज्य गठन का श्रेय
गृह मंत्री ने छत्तीसगढ़ के गठन का श्रेय पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को देते हुए कहा कि वर्ष 2000 में उन्होंने इस क्षेत्र की विकास संबंधी जरूरतों को समझते हुए अलग राज्य बनाया था। शाह ने कहा कि अटल जी ने छत्तीसगढ़ को अलग पहचान दी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इसे आगे बढ़ाने का काम किया जा रहा है।
उन्होंने नक्सलवाद से मुक्ति को गौरव और उपलब्धि का विषय बताते हुए प्रदेश की जनता, आदिवासी समाज, केंद्रीय सुरक्षा बलों और छत्तीसगढ़ पुलिस को बधाई दी।
90 प्रतिशत नक्सलियों के आत्मसमर्पण का दावा
अमित शाह ने कहा कि सरकार की नीति स्पष्ट रही है। जो हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उनका स्वागत किया जाता है, लेकिन हिंसा और कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सुरक्षा बल सख्त कार्रवाई करते हैं।
उन्होंने दावा किया कि नक्सलवाद के खिलाफ अभियान के दौरान करीब 90 प्रतिशत नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, जबकि लगभग 10 प्रतिशत मारे गए। शाह ने कहा कि नक्सल हिंसा में घायल और दिव्यांग हुए लोगों को कृत्रिम अंग उपलब्ध कराने जैसे कदम भी उठाए जा रहे हैं।
अगले 10 साल में समृद्ध होगा छत्तीसगढ़
गृह मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों, खनिज संपदा, जंगलों और समृद्ध लोक संस्कृति से भरपूर है। अब शांति और सुरक्षा का माहौल बनने से बस्तर सहित प्रदेश के दूसरे क्षेत्रों में पर्यटन, उद्योग, व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
उन्होंने चित्रकोट जलप्रपात, तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, मां बम्लेश्वरी मंदिर और मां दंतेश्वरी मंदिर जैसे पर्यटन स्थलों का उल्लेख करते हुए विश्वास जताया कि छत्तीसगढ़ आने वाले वर्षों में देश के प्रमुख पर्यटन राज्यों में शामिल होगा।
शाह ने कहा कि पहले यह कहा जाता था कि छत्तीसगढ़ की धरती अमीर है, लेकिन यहां के लोग गरीब हैं। उनका दावा है कि अगले 10 वर्षों में प्रदेश की धरती और यहां के लोग दोनों समृद्ध होंगे।
सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों का भी किया जिक्र
अमित शाह ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के कामकाज की सराहना की। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से दी गई 70 प्रतिशत से अधिक गारंटियों को पूरा किया है। समारोह के दौरान महतारी वंदन योजना की 33वीं किस्त भी महिलाओं के बैंक खातों में हस्तांतरित की गई।
गृह मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब भय से भरोसे और संसाधनों से समृद्धि की ओर बढ़ रहा है। सरकार का लक्ष्य प्रदेश को विकसित और खुशहाल राज्य बनाना है।
