दिल्ली में AQI 600 के पार, जहरीली हवा से सांस लेना मुश्किल
नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण ने खतरनाक रूप ले लिया है। बुधवार, 4 नवंबर को दिल्ली की हवा बेहद जहरीली हो गई। राजधानी का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 629 तक पहुंच गया, जबकि कई इलाकों में AQI 700 के पार दर्ज किया गया। प्रदूषण की इस गंभीर स्थिति ने लोगों की सेहत को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
आनंद विहार और विवेक विहार में AQI 700 पार
दिल्ली के कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर बेहद गंभीर दर्ज किया गया। रिपोर्ट के अनुसार प्रमुख क्षेत्रों का AQI इस प्रकार रहा:
- आनंद विहार – 736
- विवेक विहार – 734
- पर्यटन विहार – 731
- सोनिया विहार – 708
- पुठ खुर्द – 698
- रविंद्र नगर – 650
- झंडेवालान – 628
- नवजीवन विहार – 622
- आरके पुरम – 588
- खेरा डाबर – 496
इन आंकड़ों से राजधानी के अलग-अलग इलाकों में प्रदूषण की गंभीर स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
287 दिनों में सबसे खराब हुई दिल्ली की हवा
दिल्ली में मंगलवार को औसत AQI 350 दर्ज किया गया था, जो पिछले 287 दिनों का सबसे खराब स्तर था। बुधवार सुबह भी प्रदूषण में बढ़ोतरी देखने को मिली। कई निगरानी केंद्रों पर हवा गंभीर श्रेणी में पहुंच गई।
GRAP-2 लागू, फिर भी नहीं मिल रही राहत
प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के दूसरे चरण के तहत उपाय लागू किए गए हैं। इसमें सड़कों पर पानी का छिड़काव, धूल नियंत्रण, निर्माण स्थलों पर निगरानी और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने जैसे कदम शामिल हैं।
इसके बावजूद मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण प्रदूषक कण वातावरण में जमा हो रहे हैं।
पराली और वाहनों का धुआं बढ़ा रहा प्रदूषण
दिल्ली की हवा खराब होने के पीछे वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण कार्यों की धूल, औद्योगिक उत्सर्जन और पड़ोसी राज्यों में पराली जलाना प्रमुख कारण हैं।
मौसम में हवा की कम गति और प्रदूषकों के फैलाव के लिए अनुकूल परिस्थितियां नहीं होने से स्थिति और बिगड़ रही है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने दी सावधानी बरतने की सलाह
प्रदूषण का सबसे अधिक असर बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से परेशान लोगों पर पड़ सकता है। विशेषज्ञों ने लोगों को सुबह की सैर और खुले में व्यायाम से बचने की सलाह दी है।
लोगों को जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने, अच्छी गुणवत्ता वाला N95 मास्क लगाने और सांस लेने में परेशानी होने पर डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
6 नवंबर तक राहत मिलने की उम्मीद कम
वायु गुणवत्ता पूर्वानुमान के अनुसार, दिल्ली की हवा 6 नवंबर तक बहुत खराब श्रेणी में रह सकती है। मौसम में बदलाव और हवा की गति प्रदूषण के स्तर को प्रभावित कर सकती है।
दिल्ली में लगातार बिगड़ती हवा ने एक बार फिर प्रदूषण नियंत्रण के उपायों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन के कदमों से राजधानी के लोगों को जहरीली हवा से कब राहत मिलती है।
