शेयर बाजार में धमाकेदार उछाल, सेंसेक्स-निफ्टी रिकॉर्ड स्तर के करीब
नई दिल्ली। तीन दिन की लगातार गिरावट के बाद बुधवार को शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। अमेरिका के फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों ने बाजार में नई जान डाल दी। दोपहर 2 बजे निफ्टी 50 करीब 300 अंक चढ़कर 26,110 के ऊपर पहुंच गया, जबकि सेंसेक्स 950 अंक उछलकर 85,500 के पार चला गया। सेंसेक्स अब अपने सर्वकालिक उच्च स्तर 85,978 से महज़ 600 अंक दूर है। वहीं निफ्टी भी अपने सितंबर 2024 के रिकॉर्ड 26,277 स्तर से करीब 150 अंकों की दूरी पर है। इसी तेजी के कारण निवेशकों की संपत्ति में भी जोरदार बढ़ोतरी हुई। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप 4.23 लाख करोड़ रुपये बढ़कर लगभग 473.65 लाख करोड़ रुपये हो गया।
तेजी के 5 बड़े कारण
1. फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें घटाने की उम्मीद
कमजोर अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों के बाद बाजार को उम्मीद है कि फेड दिसंबर की पॉलिसी बैठक में ब्याज दरों में कटौती करेगा। CME FedWatch के अनुसार 85% संभावना है कि जेरोम पॉवेल दरों में कमी की घोषणा करेंगे।
2. वैश्विक बाजारों में मजबूती
एशियाई बाजारों में भी तेजी देखी गई।
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MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स में 1% की बढ़त
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जापान का निक्केई 1.8% उछला
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अमेरिकी फ्यूचर्स भी शुरुआती कारोबार में 0.2% ऊपर रहे
3. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
कच्चे तेल का भाव लगभग एक महीने के निचले स्तर यानी 60 डॉलर प्रति बैरल के पास है। तेल आयात पर निर्भर भारत को इससे बड़ा फायदा मिलता है—
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आयात बिल घटता है
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तेल आधारित उद्योगों की लागत कम होती है
4. एफआईआई की खरीदारी
25 नवंबर को विदेशी निवेशकों (FIIs) ने 785 करोड़ रुपये की खरीदारी की। विश्लेषकों का अनुमान है कि आने वाले दिनों में एफआईआई की बिकवाली और कम होगी।
5. कंपनियों की कमाई मजबूत रहने की उम्मीद
दूसरी तिमाही के नतीजों ने संकेत दिया है कि कंपनियों की कमजोर कमाई का दौर अब निचले स्तर पर पहुंच चुका है।
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FY2027 में मुनाफे में दो अंकों की वृद्धि का अनुमान
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ICRA का कहना है कि तीसरी तिमाही में भी कंपनियों की ग्रोथ बरकरार रहेगी
कुल मिलाकर, घरेलू और वैश्विक संकेतकों के दम पर शेयर बाजार नई ऊंचाइयों को छूने की कगार पर है। अगले कुछ दिनों में सेंसेक्स और निफ्टी अपने नए रिकॉर्ड बना सकते हैं।
