UP में चाइनीज मांझे से मौत अब ‘हत्या’ मानी जाएगी, CM योगी का सख्त फरमान
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में चाइनीज मांझे से एक और जान जाने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेहद कड़ा फैसला लिया है। सीएम योगी ने पुलिस और गृह विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अब से प्रतिबंधित चाइनीज मांझे के कारण होने वाले किसी भी हादसे या मौत को केवल ‘दुर्घटना’ नहीं, बल्कि ‘गंभीर अपराध’ यानी ‘हत्या’ की श्रेणी में रखा जाएगा।
क्या है पूरा मामला?
बुधवार को लखनऊ के बाजारखाला इलाके में हैदरगंज-तालकटोरा फ्लाईओवर पर एक दर्दनाक हादसा हुआ। दुबग्गा के रहने वाले 35 वर्षीय मोहम्मद शोएब, जो एक दवा कंपनी में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (MR) थे, अपनी स्कूटी से जा रहे थे। अचानक उनकी गर्दन पतंग के चाइनीज मांझे में फंस गई। मांझा इतना धारदार था कि शोएब की गर्दन कट गई और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। शोएब अपने परिवार के इकलौते बेटे थे।
CM योगी के कड़े निर्देश:
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हत्या का मुकदमा: सीएम ने कहा कि अदालतों और एनजीटी के प्रतिबंध के बावजूद अगर चाइनीज मांझा बिक रहा है, तो यह गंभीर चूक है। अब इसमें शामिल लोगों पर हत्या का केस दर्ज होगा।
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प्रदेशव्यापी छापेमारी: यूपी के सभी 75 जिलों के पुलिस कप्तानों को निर्देश दिए गए हैं कि वे दुकानों और गोदामों पर छापेमारी करें।
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उच्च स्तरीय समीक्षा: इस अभियान की मॉनिटरिंग खुद मुख्यमंत्री करेंगे। अगर किसी क्षेत्र में मांझा बिकता पाया गया, तो वहां के पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
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कठोर कार्रवाई: अवैध बिक्री और भंडारण में शामिल लोगों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
क्यों खतरनाक है चाइनीज मांझा?
चाइनीज मांझा नायलॉन और सिंथेटिक मटेरियल से बना होता है, जिस पर कांच या लोहे के चूरे की परत चढ़ाई जाती है। यह न तो आसानी से टूटता है और न ही गलता है, जिससे यह इंसानों और पशु-पक्षियों के लिए जानलेवा साबित होता है।
