जेल में इमरान खान की हत्या? अफगान एक्स पोस्ट के दावे से पाकिस्तान में हड़कंप

Imran Khan

नई दिल्ली। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को लेकर सोमवार देर रात एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया, जब अफगानिस्तान के एक एक्स हैंडल ‘अफगानिस्तान डिफेंस’ ने दावा किया कि अदियाला जेल में बंद इमरान खान की रहस्यमयी परिस्थितियों में हत्या कर दी गई है। यह दावा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और पाकिस्तान में राजनीतिक हलचल तेज हो गई। हालांकि, पाकिस्तान सरकार ने इन सभी दावों को अफवाह और बेबुनियाद करार दिया है।

परिवार को 23 दिनों से नहीं दी जा रही मुलाकात

इमरान खान की बहनें—नूरीन, अलीमा और उज्मा खान—सोमवार को रावलपिंडी की अदियाला जेल पहुंचीं, लेकिन उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। परिवार का आरोप है कि उन्हें पिछले 23 दिनों से इमरान से मिलने नहीं दिया जा रहा, जिससे शंकाएँ बढ़ गई हैं। उनका यह भी कहना है कि जेल के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे समर्थकों पर पंजाब पुलिस ने लाठीचार्ज किया और कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया।

अफगानिस्तान डिफेंस का दावा—17 दिन पहले हत्या

अफगानिस्तान डिफेंस नामक एक्स हैंडल ने एक पोस्ट में लिखा कि पाकिस्तान सेना के एक सूत्र ने दावा किया है कि इमरान खान की 17 दिन पहले ही हत्या कर दी गई और शव जेल से बाहर ले जाया गया। हालांकि, इस दावे की कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

सरकार बोली—इमरान खान सुरक्षित, अफवाहों पर ध्यान न दें

पाकिस्तान सरकार ने तुरंत बयान जारी कर कहा “इमरान खान की हत्या की खबरें झूठी हैं। वे अदियाला जेल में सुरक्षित हैं। अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई होगी।” हालाँकि सरकार की ओर से इमरान खान का कोई ताज़ा वीडियो या स्वास्थ्य अपडेट सार्वजनिक नहीं किया गया, जिससे आशंकाएँ और बढ़ गई हैं।

जेल के बाहर तनाव, PTI समर्थकों का प्रदर्शन

सोमवार को जेल के बाहर हजारों PTI समर्थक इकट्ठा हुए और इमरान खान की स्वास्थ्य रिपोर्ट जारी करने तथा परिवार को मुलाकात की अनुमति देने की मांग की। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया।

इमरान खान 2023 से जेल में बंद

इमरान खान 2023 से भ्रष्टाचार और तोशाखाना मामलों में अदियाला जेल में सजा काट रहे हैं। पीटीआई कई बार आरोप लगा चुकी है कि उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है, मेडिकल सुविधा नहीं दी जा रही, राजनीतिक दुश्मनी के तहत निशाना बनाया जा रहा है

हत्या के दावे की अब तक कोई पुष्टि नहीं

अब तक न पाकिस्तानी मीडिया और न ही किसी अंतरराष्ट्रीय एजेंसी द्वारा इस कथित हत्या की पुष्टि की गई है। मगर मुलाकात पर रोक, सूचनाओं की अनुपलब्धता और सोशल मीडिया पर फैल रही खबरों ने देश में राजनीतिक अनिश्चितता और तनाव बढ़ा दिया है।