ब्रिटेन छोड़ेंगे भारतीय मूल के अरबपति लक्ष्मी मित्तल, वेल्थ टैक्स बढ़ोतरी पर चिंतित

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Lakshmi Mittal

नई दिल्ली। भारतीय मूल के ब्रिटिश अरबपति और आर्सेलर मित्तल समूह के मालिक लक्ष्मी मित्तल ब्रिटेन छोड़ने की तैयारी में हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ब्रिटेन में लेबर पार्टी की नई सरकार द्वारा प्रस्तावित वेल्थ टैक्स और इनहेरिटेंस टैक्स में भारी बढ़ोतरी के चलते मित्तल अब दुबई या स्विट्जरलैंड में बसने पर विचार कर रहे हैं।

संडे टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार की नई टैक्स नीति विशेष रूप से उन हाई-नेटवर्थ व्यक्तियों को प्रभावित करेगी जो देश में अरबों रुपये की संपत्ति रखते हैं। मित्तल की कुल संपत्ति लगभग 1.8 लाख करोड़ रुपये आंकी जाती है और वे ब्रिटेन के आठवें सबसे अमीर व्यक्ति हैं।

क्यों छोड़ रहे हैं ब्रिटेन?

ब्रिटेन की लेबर सरकार देश की कमजोर अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए अमीरों पर टैक्स बढ़ाने की योजना बना रही है। इसके तहत—

  • इनहेरिटेंस टैक्स 40% तक

  • एग्जिट टैक्स 20% तक

  • कैपिटल गेन टैक्स में लगातार बढ़ोतरी

  • Non-Dom स्टेटस समाप्त, जिसके तहत विदेश में कमाई पर टैक्स नहीं लगता था

इन प्रस्तावों ने अमीर निवेशकों में असुरक्षा बढ़ा दी है। विशेष रूप से 40% इनहेरिटेंस टैक्स विदेशी मूल के कारोबारियों के लिए बड़ी चिंता का विषय बन गया है।

अन्य उद्योगपति भी छोड़ रहे हैं ब्रिटेन

लक्ष्मी मित्तल अकेले नहीं हैं। रिपोर्ट के अनुसार—

  • Revolut के को-फाउंडर निक स्टोरोन्स्की पहले ही UAE शिफ्ट हो चुके हैं।

  • भारतवंशी उद्यमी हरमन नरुला भी ब्रिटेन छोड़कर दुबई जा रहे हैं।

  • कई और बड़े कारोबारी कम टैक्स वाले देशों का रुख कर रहे हैं।

कारण साफ है—अस्थिर टैक्स नीति और भविष्य में टैक्स भार बढ़ने का खतरा।

टैक्स-फ्री देश क्यों आकर्षक?

दुबई, स्विट्जरलैंड और कतर जैसे देशों में—

  • इनकम टैक्स शून्य

  • इनहेरिटेंस टैक्स नहीं

  • बिजनेस-फ्रेंडली माहौल

इस वजह से ये देश दुनिया भर के निवेशकों और अमीर व्यक्तियों को आकर्षित करते हैं।

हालाँकि, विशेषज्ञों का मानना है कि यहां जीवन-यापन का खर्च बहुत अधिक है। खासतौर पर दुबई में—

  • 1BHK किराया ₹1.5–3 लाख/महीना

  • दूध ₹120 लीटर

  • मेट्रो पास ₹8,500/महीना

साथ ही, नौकरी खोने पर वीज़ा 30–60 दिन में खत्म हो जाता है, जिससे स्थिति जोखिम भरी हो सकती है।

आगे क्या?

लक्ष्मी मित्तल का ब्रिटेन छोड़ने का निर्णय अमीर निवेशकों के बीच बन रहे व्यापक माहौल को दर्शाता है। माना जा रहा है कि वेल्थ टैक्स लागू होने पर आने वाले महीनों में ब्रिटेन से पूंजी और प्रतिभा के और बाहर जाने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि टैक्स नीतियों में स्थिरता नहीं लाई गई, तो ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

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