BJP-SAD गठबंधन: हरदीप पुरी बोले- बराबरी की शर्त पर ही होगी बात
चंडीगढ़। पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के बीच संभावित गठबंधन को लेकर सियासी चर्चा तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता हरदीप सिंह पुरी ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल भाजपा का अकाली दल के साथ गठबंधन नहीं है। हालांकि, भविष्य में दोनों दल साथ आते हैं तो सीटों के बंटवारे में बराबरी का फॉर्मूला अपनाया जाएगा।
पुराना सीट बंटवारा फॉर्मूला नहीं चलेगा
अमृतसर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान हरदीप पुरी से भाजपा और अकाली दल के बीच संभावित गठबंधन को लेकर सवाल पूछा गया। उन्होंने कहा कि दोनों दल अगर भविष्य में साथ आते हैं तो गठबंधन समान शर्तों पर होगा। उन्होंने पुराने सीट बंटवारे के फॉर्मूले को भी खारिज किया।
पंजाब विधानसभा में कुल 117 सीटें हैं। पुराने गठबंधन में भाजपा सीमित सीटों पर चुनाव लड़ती थी, जबकि अकाली दल बड़ी संख्या में सीटों पर उम्मीदवार उतारता था। पुरी ने कहा कि अब पुराना 22-23 सीटों वाला फॉर्मूला स्वीकार्य नहीं होगा।
अभी गठबंधन पर अंतिम फैसला नहीं
हरदीप पुरी ने यह भी स्पष्ट किया कि भाजपा और अकाली दल के बीच गठबंधन करने का अंतिम फैसला पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व करेगा। इसलिए उनके बयान को फिलहाल गठबंधन की घोषणा के तौर पर नहीं देखा जा रहा है। उनका बयान संभावित भविष्य के गठबंधन की स्थिति में सीट बंटवारे की शर्त से संबंधित है।
2020 में अलग हुए थे दोनों दल
भाजपा और अकाली दल लंबे समय तक पंजाब में सहयोगी रहे हैं। दोनों दलों का गठबंधन 2020 में उस समय टूट गया था, जब अकाली दल ने केंद्र के कृषि कानूनों के विरोध में भाजपा नीत एनडीए से अलग होने का फैसला किया था। अब 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले दोनों दलों के फिर करीब आने को लेकर राजनीतिक चर्चाएं चल रही हैं।
2027 के चुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक गतिविधियां
पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव को लेकर सभी प्रमुख राजनीतिक दल अपनी तैयारियां तेज कर रहे हैं। भाजपा ने राज्य में संगठनात्मक गतिविधियों और नशामुक्ति अभियान पर भी जोर दिया है। हरदीप पुरी ने कहा कि पंजाब में नशे की समस्या से निपटने के लिए पार्टी प्रयास जारी रखेगी।
इस बीच भाजपा और अकाली दल के संभावित गठबंधन को लेकर अंतिम तस्वीर पार्टी नेतृत्व के फैसले और दोनों दलों के बीच होने वाली बातचीत के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल भाजपा की ओर से इतना संकेत दिया गया है कि यदि गठबंधन होता है तो पुराने जूनियर-पार्टनर वाले सीट बंटवारे के बजाय बराबरी का आधार उसकी शर्त होगी।
