जेल में पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना के फोन से मिले दर्जनों अश्लील वीडियो

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Prajwal Revanna

बेंगलुरु। दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे कर्नाटक के पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना को लेकर जेल प्रशासन और पुलिस की जांच में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। बेंगलुरु की परप्पना अग्रहरा केंद्रीय जेल में उनके पास से बरामद किए गए मोबाइल फोन में पुलिस को दर्जनों अश्लील वीडियो मिले हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि जेल के भीतर प्रतिबंधित मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण किस तरह पहुंचाए गए।

जेल में कैसे पहुंचा मोबाइल?

पुलिस के अनुसार, अगस्त में जेल परिसर में तलाशी के दौरान प्रज्वल रेवन्ना और एक अन्य कैदी के इस्तेमाल वाले स्थान से मोबाइल फोन, सिम कार्ड, चार्जर और अन्य सामान बरामद किया गया था। इसके बाद शुरू हुई जांच में जेल के भीतर मोबाइल फोन की कथित तस्करी का नेटवर्क सामने आया।

जांच में यह भी सामने आया कि रेवन्ना के पास मौजूद सिम कार्ड का इस्तेमाल मार्च से किया जा रहा था। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फोन और सिम किसके माध्यम से जेल में पहुंचाए गए और इसके पीछे जेल कर्मचारियों या अन्य लोगों की क्या भूमिका थी।

फोन के लिए कथित तौर पर दिए एक लाख रुपये

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, रेवन्ना ने कथित तौर पर मोबाइल फोन, सिम, चार्जर और पेन ड्राइव हासिल करने के लिए करीब एक लाख रुपये का भुगतान किया था। इस मामले में जेल स्टाफ से जुड़े एक व्यक्ति समेत कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है।

जांच आगे बढ़ने पर पुलिस को जेल के भीतर प्रतिबंधित मोबाइल फोन पहुंचाने वाले एक बड़े नेटवर्क के संकेत मिले। ताजा जांच में कई जेल वार्डरों और कैदियों की भूमिका सामने आने के बाद गिरफ्तारियां भी की गई हैं।

पहले से दुष्कर्म मामले में उम्रकैद की सजा

प्रज्वल रेवन्ना को एक महिला से दुष्कर्म के मामले में विशेष अदालत ने दोषी ठहराया था और उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। वह पहले हासन लोकसभा सीट से सांसद रह चुके हैं। उनके खिलाफ दर्ज अन्य मामलों की जांच भी अलग-अलग स्तर पर जारी रही है।

अब जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

रेवन्ना के पास प्रतिबंधित मोबाइल फोन पहुंचने और उसके इस्तेमाल से जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। पुलिस की जांच अब केवल फोन में मिले वीडियो तक सीमित नहीं है, बल्कि इस बात पर भी केंद्रित है कि जेल के अंदर मोबाइल फोन पहुंचाने वाला पूरा नेटवर्क कैसे काम कर रहा था और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका थी। बेंगलुरु पुलिस की जांच में अब तक कई जेलकर्मियों और कैदियों के कथित कनेक्शन सामने आए हैं।

 

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