अरविंद केजरीवाल और परिवार को SIR नोटिस

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Arvind Kejriwal 20926

नई दिल्ली। दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल, उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल, बेटे पुलकित केजरीवाल तथा माता-पिता गोबिंद राम केजरीवाल और गीता देवी को निर्वाचन अधिकारियों की ओर से नोटिस जारी किए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक इन नामों को पिछली SIR मतदाता सूची से ‘अनमैप्ड’ (Unmapped with Last SIR) श्रेणी में रखा गया है।

क्या है ‘नो मैपिंग’ का मामला?

नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) के अनुसार, केजरीवाल और उनके परिवार के सदस्यों की ओर से जमा किए गए Enumeration Forms में पिछली पुनरीक्षण वाली मतदाता सूची से लिंक स्थापित करने के लिए आवश्यक पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं थी। इसी आधार पर उन्हें नोटिस जारी किया गया है।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नोटिस जारी होना अपने आप में किसी मतदाता का नाम अंतिम मतदाता सूची से हटाया जाना नहीं है। संबंधित मतदाता को जवाब और आवश्यक दस्तावेज जमा करने का अवसर दिया जाता है, जिसके बाद ERO मामले का निपटारा करता है। केजरीवाल और उनके परिवार के मामले में नोटिस के निपटारे की प्रक्रिया 29 अक्टूबर 2026 तक पूरी की जानी है।

रेखा गुप्ता को भी मिला था नोटिस

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का नाम भी SIR के दौरान विसंगति वाली सूची में आया था। अधिकारियों के मुताबिक उनके मामले में Enumeration Form में उनकी और उनके माता-पिता की उम्र के बीच अंतर से जुड़ी विसंगति सामने आई थी। इसके बाद उन्हें नोटिस जारी किया गया और बूथ लेवल अधिकारी ने दस्तावेजों का सत्यापन किया।

सत्यापन के बाद निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी ने रेखा गुप्ता की मतदाता प्रविष्टि को मान्य कर दिया है। उनका नाम 4 नवंबर 2026 को प्रकाशित होने वाली अंतिम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए रखा गया है।

33 लाख से ज्यादा मतदाता जांच के दायरे में

दिल्ली में चल रही SIR प्रक्रिया के दौरान करीब 33 लाख मतदाताओं की प्रविष्टियों में विसंगतियां या पिछली SIR से मैपिंग संबंधी समस्या चिन्हित की गई है। 19 सितंबर को जारी जानकारी के अनुसार, इनमें ‘No Mapping’ और विभिन्न ‘Logical Discrepancies’ वाली प्रविष्टियां शामिल हैं। अधिकारियों के मुताबिक 31.63 लाख से अधिक मतदाताओं को नोटिस भेजे जा चुके थे।

दिल्ली की ड्राफ्ट मतदाता सूची में करीब 97.54 लाख मतदाता हैं। निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, नोटिस पाने वाले मतदाताओं को संबंधित दस्तावेजों के साथ अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जा रहा है।

राजनीतिक बयानबाजी भी तेज

केजरीवाल और उनके परिवार के नाम ‘No Mapping’ सूची में आने के बाद आम आदमी पार्टी ने निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर, निर्वाचन अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के नोटिस SIR के दौरान सामने आने वाली विभिन्न विसंगतियों के सत्यापन की प्रक्रिया का हिस्सा हैं और संबंधित मतदाताओं को दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया जा रहा है।

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