गुजरात में एनालॉग पनीर, चीज और बटर पर तत्काल प्रतिबंध
गांधीनगर। गुजरात सरकार ने राज्यभर में अनस्टैंडर्ड (गैर-मानक) एनालॉग पनीर, चीज और बटर के उत्पादन, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। यह निर्णय आम लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा, उपभोक्ताओं को भ्रमित होने से बचाने और राज्य के डेयरी उद्योग के हितों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अनुसार, फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 के तहत यह कार्रवाई की गई है। हाल के महीनों में राज्यभर में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा लिए गए नमूनों और लैब जांच में बड़ी मात्रा में ऐसे उत्पाद मिले जो पनीर, चीज और बटर जैसे दिखते थे, लेकिन वे दूध के बजाय वनस्पति तेल, स्टार्च और अन्य गैर-डेयरी पदार्थों से बनाए जा रहे थे।
गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानसेरिया ने कहा कि पिछले चार महीनों से फूड एंड ड्रग्स कंट्रोल एडमिनिस्ट्रेशन (FDCA) लगातार छापेमारी कर रहा था। जांच में पाया गया कि एनालॉग पनीर न केवल पोषण के लिहाज से कमजोर है, बल्कि कई मामलों में उपभोग के लिए भी उपयुक्त नहीं पाया गया। इसलिए सरकार ने इसके उत्पादन, बिक्री और परिवहन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सरकार ने यह भी कहा कि गुजरात देश का प्रमुख दुग्ध उत्पादक राज्य है और लाखों दुग्ध उत्पादकों की आजीविका असली डेयरी उत्पादों पर निर्भर है। ऐसे में नकली या गैर-डेयरी उत्पादों को पनीर या अन्य डेयरी उत्पाद के रूप में बेचकर उपभोक्ताओं को गुमराह करना और डेयरी उद्योग को नुकसान पहुंचाना स्वीकार नहीं किया जाएगा। सरकार ने होटल, रेस्टोरेंट, कैटरर्स और सभी खाद्य कारोबारियों से केवल मानक एवं शुद्ध डेयरी उत्पादों का ही उपयोग और बिक्री करने की अपील की है।
