T20 World Cup 2026: दक्षिण अफ्रीका से हार के बाद मुश्किल में भारत

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T20 World Cup (2)

अहमदाबाद: टी-20 विश्व कप 2026 के सुपर-8 चरण में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मिली 76 रनों की करारी हार ने भारतीय क्रिकेट टीम के सेमीफाइनल की राह को चुनौतीपूर्ण बना दिया है। रविवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजी ताश के पत्तों की तरह बिखर गई, जिससे न केवल भारत का विजयी रथ रुका, बल्कि नेट रन रेट (NRR) को भी भारी नुकसान पहुँचा है।

मैच का लेखा-जोखा: बल्लेबाजी ने किया निराश

दक्षिण अफ्रीका द्वारा दिए गए 188 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम 18.5 ओवर में मात्र 111 रनों पर सिमट गई। ईशान किशन खाता भी नहीं खोल सके, जबकि अभिषेक शर्मा (15) और सूर्यकुमार यादव (18) संघर्ष करते नजर आए। शिवम दुबे ने सर्वाधिक 42 रन बनाए, लेकिन वे टीम को जीत के करीब ले जाने में असमर्थ रहे। दक्षिण अफ्रीका की ओर से केशव महाराज (3/24) और मार्को जेनसेन ने घातक गेंदबाजी की।

भारत के लिए सेमीफाइनल का समीकरण

सुपर-8 के पहले ही मैच में मिली इस बड़ी हार के बाद अब टीम इंडिया के पास गलतियों की कोई गुंजाइश नहीं बची है। सेमीफाइनल की रेस में बने रहने के लिए भारत को निम्नलिखित शर्तों को पूरा करना होगा:

  1. अगले दोनों मैच जीतना अनिवार्य: भारत को सुपर-8 के अपने अगले दो मुकाबलों में जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज को हर हाल में हराना होगा। एक भी हार भारत को टूर्नामेंट से बाहर कर सकती है।

  2. नेट रन रेट (NRR) में सुधार: 76 रनों की हार की वजह से भारत का नेट रन रेट काफी गिर गया है। अब टीम को अगले दोनों मैचों में बड़े अंतर से जीत दर्ज करनी होगी ताकि यदि अंकों की बराबरी हो, तो रन रेट के आधार पर भारत आगे निकल सके।

  3. अन्य टीमों पर निर्भरता: भारत को यह भी उम्मीद करनी होगी कि दक्षिण अफ्रीका अपने अन्य मैच भी जीत ले या फिर ग्रुप की अन्य टीमों के बीच उलटफेर हो, जिससे अंक तालिका में भारत दूसरे स्थान पर मजबूती से बना रहे।

चिंता का विषय: खराब फॉर्म और चयन

इस हार ने भारतीय बल्लेबाजी की कमजोरियों को उजागर कर दिया है। अभिषेक शर्मा की फॉर्म और धीमी पिचों पर बल्लेबाजों का संघर्ष टीम प्रबंधन के लिए सिरदर्द बना हुआ है। साथ ही, अक्षर पटेल की जगह वाशिंगटन सुंदर को प्लेइंग इलेवन में शामिल करने का फैसला भी गलत साबित हुआ, क्योंकि सुंदर न तो गेंद से और न ही बल्ले से कोई प्रभाव छोड़ पाए।

भारतीय टीम के लिए अब ‘करो या मरो’ की स्थिति है। अब देखना यह होगा कि रोहित शर्मा की कप्तानी वाली यह टीम अगले मैचों में किस रणनीति के साथ वापसी करती है।

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