नवपंचम राजयोग: 13 फरवरी से चमकेगा इन 3 राशियों का भाग्य

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Navpancham Raja Yoga

ज्योतिष डेस्क | ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के राजा ‘सूर्य’ का राशि परिवर्तन एक अत्यंत महत्वपूर्ण घटना मानी जाती है। 13 फरवरी 2026 को सूर्य देव मकर राशि से निकलकर अपने पुत्र शनि की राशि कुंभ में प्रवेश करेंगे। सूर्य का यह गोचर मिथुन राशि में पहले से विराजमान गुरु बृहस्पति के साथ मिलकर एक अत्यंत शुभ ‘नवपंचम राजयोग’ का निर्माण करने जा रहा है।

ज्योतिषीय गणना के अनुसार, जब दो शुभ ग्रह एक-दूसरे से पांचवें और नौवें भाव में स्थित होते हैं, तो यह राजयोग बनता है, जो उन्नति, धन और मान-सम्मान का कारक होता है। आइए जानते हैं किन 3 राशियों के लिए यह समय वरदान साबित होने वाला है:

1. मिथुन राशि: करियर में आएगी नई उड़ान

मिथुन राशि के जातकों के लिए यह राजयोग किसी वरदान से कम नहीं है।

  • नौकरी और व्यापार: कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत को पहचान मिलेगी। नई नौकरी के प्रस्ताव मिल सकते हैं और जो लोग प्रमोशन का इंतजार कर रहे हैं, उनकी इच्छा पूरी हो सकती है।

  • ऊर्जा का स्तर: आप खुद को काफी सकारात्मक और ऊर्जावान महसूस करेंगे, जिससे पेंडिंग काम तेजी से पूरे होंगे।

2. तुला राशि: आर्थिक लाभ और संतान सुख

तुला राशि वालों के लिए सूर्य और गुरु की यह स्थिति पांचवें और नौवें भाव में होगी।

  • धन संचय: आय के नए स्रोत खुलने से बैंक बैलेंस बढ़ेगा। सट्टेबाजी, शेयर बाजार या ट्रेडिंग से जुड़े लोगों को अचानक बड़ा मुनाफा हो सकता है।

  • परिवार: संतान की ओर से कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है। घर में मांगलिक कार्य के योग बन रहे हैं।

3. वृश्चिक राशि: शत्रुओं पर विजय और निवेश में लाभ

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए यह समय ‘विजय’ का संदेश लेकर आ रहा है।

  • व्यापारिक रणनीति: आप अपने प्रतिद्वंद्वियों को पछाड़ने में सफल रहेंगे। पुराने निवेश (Investment) से अब आपको उम्मीद से बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना है।

  • यात्रा के योग: काम के सिलसिले में की गई यात्राएं भविष्य के लिए बड़े मुनाफे की नींव रखेंगी।

कुंभ राशि में बनेगा ग्रहों का बड़ा जमावड़ा

सूर्य के कुंभ राशि में आने से वहां पहले से मौजूद बुध, शुक्र और राहु के साथ मिलकर ‘चतुर्ग्रही योग’ भी बनेगा। इसके साथ ही ‘बुधादित्य’ और ‘शुक्रादित्य’ जैसे शुभ योगों का प्रभाव भी बढ़ जाएगा, जिससे वैश्विक स्तर पर भी तकनीकी और आर्थिक क्षेत्रों में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

सूर्य देव के इस शुभ प्रभाव को बढ़ाने के लिए रविवार को तांबे के लोटे से सूर्य को जल दें और ‘ॐ सूर्याय नमः’ मंत्र का जाप करें।

डिसक्लेमर: यह लेख ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। व्यक्तिगत परिणामों के लिए अपनी कुंडली का विश्लेषण किसी विशेषज्ञ से अवश्य कराएं।

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