रूस की डिजिटल स्ट्राइक: वॉट्सऐप, फेसबुक और यूट्यूब समेत कई अमेरिकी ऐप्स पर लगा बैन

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Social Media

मास्को/नई दिल्ली। रूस और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव के बीच, रूसी सरकार ने अपने देश में लोकप्रिय अमेरिकी सोशल मीडिया ऐप्स— वॉट्सऐप (WhatsApp), फेसबुक (Facebook), यूट्यूब (YouTube) और इंस्टाग्राम (Instagram) के इस्तेमाल पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। इससे पहले रूस ने लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम (Telegram) पर भी प्रतिबंध लगाया था।

मुख्य कारण और कार्रवाई:

  • स्वदेशी प्लेटफॉर्म को बढ़ावा: पुतिन सरकार चाहती है कि रूसी नागरिक विदेशी ऐप्स के बजाय सरकारी और स्वदेशी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करें।

  • DNS से हटाया गया नाम: रूस की नियामक संस्था ‘रोसकोमनाडजोर’ (Roskomnadzor) ने इन वेबसाइट्स के डोमेन नाम को रूस के राष्ट्रीय डोमेन नेम सिस्टम (DNS) से हटा दिया है, जिससे रूसी इंटरनेट नेटवर्क पर इन्हें एक्सेस करना असंभव हो गया है।

  • सॉवरेन इंटरनेट कानून: यह कार्रवाई रूस के “सॉवरेन इंटरनेट” कानून के तहत की गई है, जिसका उद्देश्य देश के इंटरनेट पर सरकार का पूर्ण नियंत्रण स्थापित करना है।

अंतरराष्ट्रीय मीडिया पर भी गाज:

रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने सिर्फ सोशल मीडिया ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों की वेबसाइट्स को भी ब्लॉक कर दिया है। इसमें शामिल हैं:

  • बीबीसी (BBC)

  • डॉउचा वेले (Deutsche Welle)

  • रेडियो फ्री यूरोप/रेडियो लिबर्टी

  • इसके अलावा, गुमनाम ब्राउजिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले टॉर ब्राउजर (Tor Browser) पर भी रोक लगा दी गई है।

रूस में क्या बदला?

रूस में अब इंटरनेट सेवा प्रदाताओं (ISPs) के लिए सरकारी एजेंसी ‘रोसकोमनाडजोर’ की निगरानी वाले राष्ट्रीय DNS सिस्टम का उपयोग करना अनिवार्य है। हालांकि इस कदम से रूस की आंतरिक सुरक्षा मजबूत होने का दावा किया जा रहा है, लेकिन आम नागरिक ग्लोबल सर्विस और वैश्विक खबरों के स्रोतों से कट गए हैं।

बता दें कि रूस ने पिछले कुछ महीनों में ऐपल के फेसटाइम (FaceTime) और स्नैपचैट (Snapchat) जैसे ऐप्स को भी प्रतिबंधित किया है, जिससे देश में विदेशी तकनीक का दायरा लगातार सिमटता जा रहा है।

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