भारत-मलेशिया सम्बन्ध: सेमीकंडक्टर, रक्षा और डिजिटल भुगतान पर बनी बड़ी सहमति
नई दिल्ली/कुआलालंपुर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया मलेशिया यात्रा ने दक्षिण-पूर्व एशिया में भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति को एक नई ऊर्जा प्रदान की है। मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ हुई उच्चस्तरीय द्विपक्षीय वार्ता के बाद, दोनों देशों ने अपने रिश्तों को ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ (Comprehensive Strategic Partnership) के स्तर पर ले जाने का औपचारिक ऐलान किया है।
इस वार्ता के दौरान तकनीकी सहयोग, आर्थिक प्रगति और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण समझौतों पर मुहर लगी।
तकनीकी और डिजिटल क्रांति: UPI और सेमीकंडक्टर
भविष्य की अर्थव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए, दोनों देशों ने सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम में सहयोग के लिए हाथ मिलाया है। इसका उद्देश्य वैश्विक सप्लाई चेन में स्थिरता सुनिश्चित करना और नवाचार को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही, डिजिटल इंडिया की सफलता को वैश्विक स्तर पर ले जाते हुए, UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) को मलेशिया में लागू करने पर सहमति बनी है। इससे वहां रहने वाले भारतीयों और पर्यटकों के लिए लेन-देन की प्रक्रिया बेहद सरल हो जाएगी।
रक्षा और समुद्री सुरक्षा पर जोर
क्षेत्रीय शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए दोनों देशों ने रक्षा संबंधों को और गहरा करने का संकल्प लिया। वार्ता में विशेष रूप से सुखोई-30 (Sukhoi-30) लड़ाकू विमानों के रख-रखाव और सैन्य प्रशिक्षण पर चर्चा हुई। आतंकवाद के खिलाफ साझा लड़ाई और समुद्री सुरक्षा (Maritime Security) को लेकर भी दोनों नेताओं ने एक सुर में अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
सांस्कृतिक सेतु: प्रवासी भारतीयों के लिए बड़ी सौगात
मलेशिया में बसे करीब 29 लाख भारतीय मूल के लोगों के हितों की रक्षा के लिए पीएम मोदी ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं:
-
नया वाणिज्य दूतावास: मलेशिया में एक नया भारतीय महावाणिज्य दूतावास खोला जाएगा।
-
शैक्षणिक सहयोग: यूनिवर्सिटी मलाया में ‘तिरुवल्लुवर केंद्र’ की स्थापना और मलेशियाई छात्रों के लिए विशेष छात्रवृत्ति की शुरुआत की जाएगी।
भ्रष्टाचार के विरुद्ध साझा जंग
प्रशासनिक सुधारों की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, भारत की CBI और मलेशिया की MACC (भ्रष्टाचार निरोधक आयोग) के बीच अनुभव और ज्ञान साझा करने के लिए समझौता हुआ है। यह कदम दोनों देशों में पारदर्शिता बढ़ाने के साझा लक्ष्य को दर्शाता है।
निष्कर्ष: मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने पीएम मोदी का स्वागत एक ‘सच्चे मित्र’ के रूप में किया। यह यात्रा न केवल व्यापारिक दृष्टि से, बल्कि भू-राजनीतिक दृष्टि से भी भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस साझेदारी से आसियान (ASEAN) क्षेत्र में भारत का प्रभाव और अधिक सुदृढ़ होगा।
