बलूचिस्तान में खूनी संघर्ष: 40 घंटों में 145 विद्रोही ढेर, 17 सैनिकों की मौत
क्वेटा/इस्लामाबाद: पाकिस्तान का बलूचिस्तान प्रांत इस समय भीषण हिंसा और रक्तपात की चपेट में है। पिछले 40 घंटों में हुई जबरदस्त मुठभेड़ों में कम से कम 145 बलूच विद्रोही और 17 पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) द्वारा सेना के ठिकानों, जेलों और सरकारी कार्यालयों को निशाना बनाए जाने के बाद पूरे प्रांत में स्थिति अत्यंत तनावपूर्ण बनी हुई है।
इंटरनेट बंद, सड़कों पर पसरा सन्नाटा
हिंसा को देखते हुए प्रशासन ने बलूचिस्तान में इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह बंद कर दी हैं। इसके साथ ही कई इलाकों में ट्रेनों की आवाजाही और सड़क परिवहन को भी रोक दिया गया है। क्वेटा समेत कई प्रमुख शहरों के बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ है और लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं।
आम नागरिकों को बनाया निशाना
पाकिस्तानी सेना के अनुसार, इन हमलों में न केवल सुरक्षा बल बल्कि आम नागरिक भी हताहत हुए हैं। विद्रोहियों की कार्रवाई में महिलाओं और बच्चों समेत 18 आम लोगों की जान चली गई है। बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने पुष्टि की है कि सेना का ‘क्लीनिंग ऑपरेशन’ अभी भी जारी है और मारे गए विद्रोहियों में कई आत्मघाती हमलावर (Suicide Bombers) भी शामिल थे।
भारत ने पाकिस्तान के आरोपों को नकारा
हमेशा की तरह, पाकिस्तान ने इस आंतरिक हिंसा का दोष भारत पर मढ़ने की कोशिश की है। हालांकि, भारत के विदेश मंत्रालय ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। भारतीय पक्ष ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान अपनी घरेलू नाकामियों और बुनियादी समस्याओं से ध्यान भटकाने के लिए झूठे इल्जाम लगा रहा है। भारत ने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान को बलूचिस्तान के लोगों पर हो रहे मानवाधिकारों के हनन को तुरंत रोकना चाहिए।
