खाली पड़े 7000 फ्लैट्स पर मिलेगी भारी छूट, योगी सरकार ने ‘विशेष सेल’ को दी मंजूरी

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अपना आशियाना बनाने का सपना देख रहे लोगों के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा अवसर प्रदान किया है। उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद और विभिन्न विकास प्राधिकरणों (जैसे LDA, GDA आदि) में वर्षों से खाली पड़े फ्लैटों और संपत्तियों को बेचने के लिए अब ‘विशेष सेल’ का सहारा लिया जाएगा। आवास विभाग ने नई कॉस्टिंग गाइडलाइन जारी करते हुए इन संपत्तियों पर भारी रियायत देने का निर्णय लिया है।

प्रमुख सचिव ने दी नई गाइडलाइन को हरी झंडी

आवास विभाग के प्रमुख सचिव पी. गुरुप्रसाद ने इन नए प्रावधानों को मंजूरी दे दी है। इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य प्राधिकरणों का फंसा हुआ पैसा निकालना और संपत्तियों के रखरखाव पर होने वाले अतिरिक्त खर्च को कम करना है। प्रदेश भर में करीब 7000 से ज्यादा फ्लैट्स फिलहाल खरीदारों का इंतजार कर रहे हैं।

सेल के लिए तय किए गए कड़े मानक

नई गाइडलाइन के अनुसार, विशेष सेल तभी शुरू की जा सकेगी जब:

  • सभी विकास कार्य पूरे होने के बाद कम से कम 5 बार विज्ञापन दिया जा चुका हो।

  • ‘पहले आओ-पहले पाओ’ योजना चलाने के बावजूद 3 साल में 50% से कम फ्लैट बिके हों।

  • या फिर 4 साल में 60% से कम संपत्तियों का निस्तारण हो पाया हो।

बल्क खरीदारी पर मिलेगी भारी छूट

यदि कोई संस्था, विभाग या समूह एक साथ कई फ्लैट खरीदता है, तो उन्हें ‘बल्क सेल’ के तहत निम्नलिखित छूट दी जाएगी:

फ्लैटों की संख्या मिलने वाली छूट (%)
10 से 25 फ्लैट 5% छूट
26 से 50 फ्लैट 10% छूट
50 से अधिक फ्लैट 15% छूट

EWS और LIG वर्ग को बड़ी राहत

आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और कम आय वर्ग (LIG) के लिए नियमों को काफी उदार बनाया गया है:

  1. ब्याज दर की सीमा: EWS भवनों पर ब्याज दर अब 5 फीसदी से अधिक नहीं होगी।

  2. दंड से मुक्ति: यदि कोई किस्त जमा करने में देरी (डिफॉल्ट) होती है, तो अब चक्रवृद्धि ब्याज (Compound Interest) नहीं वसूला जाएगा।

क्यों लिया गया यह फैसला?

प्रदेश के विकास प्राधिकरणों की करोड़ों रुपये की पूंजी इन खाली फ्लैटों में फंसी हुई है। बार-बार विज्ञापन और ‘पहले आओ-पहले पाओ’ जैसी नीतियों के बावजूद खरीदारों ने अधिक रुचि नहीं दिखाई। साथ ही, इन खाली इमारतों की मरम्मत और सिक्योरिटी पर भी प्राधिकरणों को मोटा खर्च करना पड़ रहा था। उम्मीद है कि इस रियायती ‘विशेष सेल’ से संपत्तियों का निस्तारण तेजी से हो सकेगा।

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