जोमैटो CEO दीपिंदर गोयल की आंख के पास दिखा ‘रहस्यमयी’ डिवाइस
नई दिल्ली: जोमैटो (Zomato) के फाउंडर और सीईओ दीपिंदर गोयल अपनी बिज़नेस सूझबूझ के लिए तो मशहूर हैं ही, लेकिन इस बार वह अपनी एक ‘अजीब’ दिखने वाली एक्सेसरी की वजह से चर्चा में हैं। मशहूर पॉडकास्टर राज शमानी के शो ‘Figuring Out’ में दीपिंदर की आंख के पास एक छोटा सा सिल्वर डिवाइस देखा गया, जिसने इंटरनेट पर नई बहस छेड़ दी है।
यह कोई फैशन स्टेटमेंट नहीं, बल्कि एक क्रांतिकारी हेल्थ-टेक डिवाइस है जिसका नाम ‘Temple’ है।
क्या है ‘Temple’ और यह कैसे काम करता है?
‘टेंपल’ एक आधुनिक और हल्का पहनने योग्य (wearable) डिवाइस है। यह दीपिंदर गोयल की एक नई और महत्वाकांक्षी पहल का हिस्सा है। इसका मुख्य कार्य दिमाग में होने वाले ब्लड फ्लो (Blood Flow) को रियल-टाइम में मापना है।
इसके प्रमुख फीचर्स:
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रियल-टाइम ट्रैकिंग: यह लगातार डेटा इकट्ठा करता है कि मस्तिष्क तक ऑक्सीजन और खून का प्रवाह कैसा है।
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मानसिक मापदंड: यह डिवाइस याददाश्त (Memory), फोकस, मानसिक थकान और तनाव के स्तर को ट्रैक करता है।
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प्रिवेंटिव हेल्थ: समय रहते मस्तिष्क की सेहत में होने वाले बदलावों के संकेत देना।
‘Gravity Ageing Hypothesis’ का अनोखा कनेक्शन
दीपिंदर गोयल इस डिवाइस के पीछे एक दिलचस्प थ्योरी पर काम कर रहे हैं, जिसे उन्होंने ‘ग्रैविटी एजिंग हाइपोथीसिस’ (Gravity Ageing Hypothesis) नाम दिया है। “उनका मानना है कि इंसान के सीधे खड़े रहने की स्थिति में ग्रैविटी (गुरुत्वाकर्षण) के कारण समय के साथ दिमाग में ब्लड फ्लो कम हो सकता है, जो बुढ़ापे (Aging) की प्रक्रिया को तेज़ कर देता है। ‘Temple’ इसी थ्योरी को डेटा के ज़रिए साबित करने या समझने की कोशिश है।”
किसके लिए है यह डिवाइस?
हालांकि यह अभी एक्सपेरिमेंटल दौर में है, लेकिन भविष्य में यह निम्नलिखित वर्गों के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है:
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स्टूडेंट्स: पढ़ाई के दौरान फोकस और मानसिक थकान को समझने के लिए।
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प्रोफेसनल्स: हाई-प्रेशर काम के दौरान स्ट्रेस लेवल मैनेज करने के लिए।
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बुज़ुर्ग: उम्र से जुड़ी दिमागी बीमारियों (जैसे याददाश्त कम होना) की निगरानी के लिए।
भविष्य की तकनीक
दीपिंदर गोयल खुद इस डिवाइस का उपयोग एक साल से अधिक समय से कर रहे हैं। उनका मानना है कि आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में हम शरीर की बाहरी फिटनेस पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन दिमागी सेहत की अनदेखी कर देते हैं। Temple जैसी तकनीक भविष्य में ‘प्रिवेंटिव हेल्थकेयर’ (बीमारी होने से पहले बचाव) के क्षेत्र में बड़ी क्रांति ला सकती है।
