इसरो का नया कीर्तिमान: सबसे भारी अमेरिकी सैटेलाइट को अंतरिक्ष में पहुँचाया

ISRO Bahubali

नई दिल्ली/श्रीहरिकोटा | विशेष संवाददाता। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने आज एक बार फिर अंतरिक्ष की दुनिया में भारत का झंडा बुलंद किया है। बुधवार की सुबह सतीश धवन स्पेस सेंटर से इसरो के सबसे भारी रॉकेट LVM3-M6 ने सफलतापूर्वक उड़ान भरी। इस कमर्शियल मिशन के जरिए अमेरिका के अगली पीढ़ी वाले ‘ब्लूबर्ड ब्लॉक-2’ (BlueBird Block 2) स्पेसक्राफ्ट को पृथ्वी की निचली कक्षा (LEO) में स्थापित कर दिया गया है।

90 सेकेंड की देरी, पर सटीक रही लॉन्चिंग

इसरो के अनुसार, रॉकेट के लॉन्च का समय सुबह 8:54 बजे निर्धारित था, लेकिन तकनीकी कारणों से इसमें 90 सेकेंड की मामूली देरी हुई। हालांकि, इसके बावजूद लॉन्चिंग बेहद सटीक रही। उड़ान भरने के ठीक 15 मिनट बाद सैटेलाइट रॉकेट से अलग हो गई और इसे 600 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थित कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित कर दिया गया।

पेलोड का महा-रिकॉर्ड: 6,100 किलो का वजन

यह मिशन इसरो के व्यावसायिक इतिहास में मील का पत्थर साबित हुआ है। ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 अब तक का सबसे भारी पेलोड है जिसे LVM3 के जरिए अंतरिक्ष में भेजा गया है। इसका कुल वजन 6,100 किलोग्राम है। इससे पहले यह रिकॉर्ड CMS-03 संचार सैटेलाइट के नाम था, जिसका वजन 4,400 किलोग्राम था।

क्यों खास है ‘ब्लूबर्ड-2’ सैटेलाइट?

अमेरिकी कंपनी AST स्पेसमोबाइल द्वारा निर्मित यह सैटेलाइट मोबाइल संचार की दुनिया में क्रांति लाने वाला है:

  • डायरेक्ट-टू-स्मार्टफोन: यह दुनिया का पहला ऐसा सैटेलाइट है जो सीधे सामान्य स्मार्टफोन पर हाई-स्पीड 4G और 5G ब्रॉडबैंड सेवा प्रदान करेगा।

  • विशाल एंटीना: इसमें 223 वर्ग मीटर का विशाल ‘फेज़्ड-एरे’ एंटीना लगा है, जो इसे अब तक का सबसे बड़ा वाणिज्यिक संचार उपग्रह बनाता है।

  • बिना सिम और टावर की सेवा: इसकी मदद से दुनिया के किसी भी कोने से सीधे अंतरिक्ष के जरिए वॉयस कॉल, वीडियो कॉल और डेटा स्ट्रीमिंग की जा सकेगी।

वैश्विक बाजार में इसरो की बढ़ती साख

यह सफल मिशन इसरो की वाणिज्यिक शाखा ‘न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड’ (NSIL) और अमेरिकी कंपनी AST स्पेसमोबाइल के बीच हुए समझौते का हिस्सा है। LVM3 रॉकेट इससे पहले भी चंद्रयान-2 और चंद्रयान-3 जैसे मिशनों को अंजाम दे चुका है। इस सफल लॉन्चिंग के साथ ही भारत ने भारी सैटेलाइट्स के वैश्विक बाजार में अपनी पकड़ और मजबूत कर ली है।

मुख्य बिंदु एक नज़र में:

  • लॉन्च की तारीख: 24 दिसंबर 2025

  • रॉकेट: LVM3-M6

  • सैटेलाइट: ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 (अमेरिका)

  • वजन: 6,100 किलोग्राम (नया रिकॉर्ड)

  • उद्देश्य: सीधे मोबाइल पर हाई-स्पीड इंटरनेट और कॉलिंग