मस्कट में बोले पीएम मोदी: “भारत-ओमान की दोस्ती भरोसे की नींव पर टिकी

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मस्कट/नई दिल्ली | न्यूज़ डेस्क प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ओमान दौरे का आज दूसरा दिन ऐतिहासिक रहा। मस्कट में ‘भारत-ओमान बिजनेस समिट’ को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने दोनों देशों के बीच सदियों पुराने व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंधों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारत और ओमान के कूटनीतिक रिश्तों के 70 साल पूरे होना सिर्फ एक जश्न नहीं, बल्कि एक खुशहाल भविष्य की ओर बढ़ता एक मील का पत्थर है।

मैत्री पर्व: रिश्तों का नया फॉर्मूला (M-A-I-T-R-I)

पीएम मोदी ने भारत-ओमान की दोस्ती को “मैत्री पर्व” का नाम दिया और इसका अर्थ कुछ इस प्रकार समझाया:

  • M: समुद्री विरासत (Maritime Heritage)

  • A: आकांक्षाएं (Aspirations)

  • I: इनोवेशन (Innovation)

  • T: विश्वास और टेक्नोलॉजी (Trust & Technology)

  • R: सम्मान (Respect)

  • I: समावेशी विकास (Inclusive Development)

शिक्षा और भारतीय समुदाय की सराहना

पीएम मोदी ने बताया कि व्यापार से शुरू हुआ यह रिश्ता आज शिक्षा के क्षेत्र में भी काफी सशक्त हो चुका है। 46,000 छात्र: ओमान के भारतीय स्कूलों में करीब 46 हजार छात्र शिक्षा ले रहे हैं। 50 वर्ष: ओमान में भारतीय शिक्षा के 50 वर्ष पूरे होने पर उन्होंने खुशी जताई। सांस्कृतिक गौरव: पीएम ने उल्लेख किया कि यूनेस्को द्वारा दिवाली को अमूर्त सांस्कृतिक विरासत में शामिल करना भारत के लिए गर्व की बात है।

CEPA: ऐतिहासिक आर्थिक समझौता

बिजनेस समिट के दौरान पीएम मोदी ने एक बड़े फैसले का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि ‘व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता’ (CEPA) दोनों देशों के बीच 21वीं सदी की पार्टनरशिप को नई ऊर्जा देगा। “यह समझौता हमारे साझा भविष्य का ब्लूप्रिंट है, जो ट्रेड को नई गति और निवेश को नया भरोसा देगा।” – पीएम मोदी

भारत में बड़े रिफॉर्म्स का ज़िक्र

प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के सामने भारत में हुए बदलावों को भी रखा: GST: पूरे भारत को एक एकीकृत बाजार में बदल दिया। लेबर रिफॉर्म्स: दर्जनों लेबर कोड्स को घटाकर सिर्फ 4 कोड्स में समेटा गया, जो भारत के इतिहास का सबसे बड़ा श्रम सुधार है।

मांडवी और मस्कट के बीच ‘अरब सागर’ एक मजबूत ब्रिज

अपने संबोधन के अंत में पीएम ने भावुक होते हुए कहा कि मांडवी (गुजरात) और मस्कट के बीच अरब सागर ने हमेशा एक मजबूत पुल का काम किया है। उन्होंने कहा, “समुद्र की लहरें और मौसम बदल सकते हैं, लेकिन भारत और ओमान की दोस्ती हर मौसम में और भी अटूट होकर उभरेगी।”

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