अखिलेश-डिंपल की ‘लव स्टोरी’ और ‘दादी’ का रोल
समाजवादी पार्टी के प्रमुख और कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव ने पहली बार अपनी और पत्नी डिंपल यादव की लव स्टोरी को विस्तार से बताया है। एक यूट्यूब चैनल के पॉडकास्ट में उन्होंने खुलासा किया कि उनके पिता और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव को उनकी प्रेम कहानी का पता कैसे चला और किस तरह इंटर-कास्ट शादी के लिए सहमति बनी।
“अगर नहीं मान रहा है, तो इसकी शादी कर दो”—यह किसने कहा?
अखिलेश यादव ने बताया कि उनकी लव स्टोरी की खबर मुलायम सिंह यादव तक किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि घर के ही एक खास सदस्य के जरिए पहुँची।
उनके मुताबिक, यह सलाह देने वाले व्यक्ति ने नेताजी से कहा—“अगर नहीं मान रहा है, तो इसकी शादी कर दो।” यही बात मुलायम सिंह यादव को समझ में आई और उन्होंने अखिलेश तथा डिंपल के रिश्ते को मंजूरी दे दी।
इंटर-कास्ट शादी को लेकर अखिलेश को पिता से ज्यादा डर
अखिलेश यादव ने कहा कि उन्हें डिंपल के पिता कर्नल आर.एस. रावत से कम और अपने पिता मुलायम सिंह यादव से ज्यादा डर लग रहा था।
राजनीति, समाज और जाति के मुद्दों के बीच उन्हें आशंका थी कि नेताजी कास्ट को लेकर सहमत न हों।
उन्होंने बताया “कभी-कभी सुनता था कि नेता जी सोच रहे हैं कि इंटर-कास्ट को समाज कैसे स्वीकार करेगा। इसलिए मेरे मन में डर बना रहता था।”
लेकिन अंत में मुलायम सिंह यादव ने बड़े दिल से इस रिश्ते को स्वीकार कर लिया।
अफवाहें और राजनीतिक माहौल
अखिलेश ने बताया कि उस दौर में उत्तराखंड गठन की राजनीति, कास्ट की बहस और यहां तक कि लालू प्रसाद यादव के घर शादी की अफवाहें भी उड़ रही थीं।
हालाँकि, इन सबमें कोई सच्चाई नहीं थी।
वे कहते हैं “किसी भी नेता के लिए इंटर-कास्ट शादी स्वीकार करना आसान नहीं होता। समाज में इसे स्वीकार कराना उससे भी बड़ा कदम था। इसी वजह से शादी का कार्यक्रम बड़े स्तर पर किया गया।”
अमर सिंह और जनेश्वर मिश्रा की भूमिका
अखिलेश यादव ने बताया कि मुलायम सिंह यादव को समझाने में अमर सिंह और जनेश्वर मिश्रा की बड़ी भूमिका रही। नेताजी ने अपने पुराने साथियों से व्यक्तिगत राय ली और सबकी सहमति के बाद ही शादी को हरियाली दिखाई।
दादी ने पहुँचाई बात, अखिलेश रहे बेहद करीब
अखिलेश ने स्वीकार किया कि उनकी लव स्टोरी की जानकारी उन्होंने सीधे पिता को नहीं दी, बल्कि दादी के जरिए बात पहुँचाई।
वे दादी के बेहद करीब थे और उन्होंने ही मुलायम सिंह यादव को समझाया “जब नहीं मान रहा, तो इसकी शादी कर दो।”
अखिलेश ने अमर सिंह का भी आभार जताया कि उन्होंने नेताजी को सकारात्मक रूप से समझाया।
इंटर-कास्ट शादी पर अखिलेश की सोच: प्रेम जाति से नहीं दिल से होता है
अखिलेश यादव ने कहा कि प्रेम दो दिलों के बीच का रिश्ता है, न कि जाति या समाज द्वारा खींची गई सीमाओं के भीतर बंधा हुआ बंधन।
उनका संदेश “रिश्ते की मजबूती जाति से नहीं, आपसी विश्वास, सम्मान, बराबरी और तालमेल से तय होती है।”
