तालिबान ने भारत से कंधार–दिल्ली एयर कॉरिडोर खोलने की रखी मांग

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India Afghanistan Relations

नई दिल्ली। अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने भारत से कंधार और काबुल के लिए हवाई कूरियर सेवाएं शुरू करने की अनुमति मांगी है। तालिबान चाहता है कि भारत IC-814 अपहरण की घटनाओं को पीछे छोड़ते हुए नई हवाई कनेक्टिविटी खोले, ताकि पाकिस्तान द्वारा लगाए गए सीमा प्रतिबंधों से अफगानिस्तान को राहत मिल सके। नई जानकारी के अनुसार, भारत सरकार नई दिल्ली–कंधार–काबुल और आगे चलकर अमृतसर–कंधार मार्ग पर उड़ानों के प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार कर रही है।

भारत सक्रिय विचार-विमर्श में

भारत सरकार अफगानिस्तान के प्रस्ताव का मूल्यांकन कर रही है। यदि मंजूरी मिलती है, तो अफगान एयरलाइंस अमृतसर और नई दिल्ली के लिए सीधी उड़ानें संचालित कर सकेंगी। भारत ने हाल ही में अमृतसर को एक अतिरिक्त कॉन्टैक्ट पॉइंट के रूप में मान्यता देकर महत्वपूर्ण संकेत दिया है।

तालिबान की रणनीति: पाकिस्तान को जवाब

पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के साथ सीमा व्यापार लगभग बंद कर दिया है। इससे काबुल और कंधार में जरूरी सामान—खासतौर पर दवाइयों—की भारी कमी हुई है।तालिबान चाहता है कि भारत के साथ सीधी हवाई सप्लाई लाइन खुलने से पाकिस्तान की आर्थिक दबाव नीति विफल हो जाए। इसके अलावा अफगानिस्तान के जल्द खराब होने वाले कृषि उत्पाद सीधे भारतीय बाजार तक पहुंच सकेंगे।

हवाई मार्ग बंद, लेकिन अफगान एयरलाइंस के लिए रास्ता खुला

चूंकि पाकिस्तान अपने हवाई क्षेत्र से भारतीय विमानों को अफगानिस्तान जाने नहीं देता, इसलिए इस प्रस्तावित रूट पर उड़ानें अफगान एयरलाइंस ही संचालित करेंगी।पाकिस्तान स्वयं भी अफगानिस्तान के ऊपर उड़ानें रोकने का साहस नहीं कर सकता, क्योंकि इससे उसकी अपनी एयरलाइंस की यूरोपीय मार्गों तक पहुंच प्रभावित होगी।

कंधार पर सुरक्षा समीक्षा जारी

सूत्रों का कहना है कि कंधार से उड़ानें शुरू करना IC-814 अपहरण के कारण एक भावनात्मक और सुरक्षा संवेदनशील मुद्दा है। इसलिए भारत इस प्रस्ताव की विस्तृत सुरक्षा समीक्षा कर रहा है। इसके बावजूद, भारत–अफगानिस्तान संवाद पिछले दो वर्षों में काफी मजबूत हुआ है, और कई दौर की मंत्रीस्तरीय बैठकों ने संबंधों को नई दिशा दी है।

पाक–अफगान सीमा तनाव नई उड़ानों की वजह

तोरखम और चमन सीमा चौकियों पर महीनों से तनाव चल रहा है। तुर्की की मध्यस्थता भी विफल रही है। पाकिस्तानी सेना अफगानिस्तान पर दबाव बनाने के लिए सीमा व्यापार रोक रही है, जिससे तालिबान के सामने आवश्यक वस्तुओं की भारी कमी हो गई है।

IC-814: कंधार की याद जो आज भी ताज़ा

24 दिसंबर 1999 को इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट IC-814 को काठमांडू से हाईजैक कर कंधार ले जाया गया था। 176 यात्रियों से भरे विमान को छुड़ाने के लिए भारत को तीन आतंकियों मौलाना मसूद अजहर, मुश्ताक अहमद जरगर, अहमद उमर सईद शेख को रिहा करना पड़ा था। यही मसूद अजहर बाद में कुख्यात आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का संस्थापक बना।

अगर भारत ने हरी झंडी दी…

विशेषज्ञों की मानें तो, पाकिस्तान की रणनीति ध्वस्त होगी,  भारत–अफगानिस्तान संबंध मजबूत होंगे, तालिबान को राहत मिलेगी, कंधार–दिल्ली हवाई मार्ग का भू-रणनीतिक असर बहुत बड़ा होगा और यही कारण है कि पाकिस्तान इस प्रस्ताव से बेहद चिंतित माना जा रहा है।

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