होलिका दहन 2026: घर से नकारात्मकता दूर करेंगे ये अचूक वास्तु उपाय
नई दिल्ली | होली का त्योहार केवल रंगों का उत्सव नहीं है, बल्कि यह बुराई पर अच्छाई की जीत और आध्यात्मिक शुद्धि का भी प्रतीक है। ज्योतिषियों और वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, होलिका दहन की रात को ‘महारात्रि’ या ‘सिद्ध रात्रि’ कहा जाता है। इस रात को किए गए कुछ विशेष वास्तु उपाय घर की नकारात्मक ऊर्जा को खत्म कर सुख, शांति और समृद्धि ला सकते हैं।
वास्तु दोष और नकारात्मकता से मुक्ति
घर में मौजूद किसी भी प्रकार के वास्तु दोष को दूर करने के लिए होलिका दहन का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है:
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राख का तिलक: होलिका दहन के अगले दिन, उसकी ठंडी राख (भस्म) को घर के मुख्य द्वार पर तिलक के रूप में लगाने से नकारात्मक शक्तियां घर में प्रवेश नहीं करती हैं।
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कोनों में छिड़काव: यदि घर में अशांति महसूस होती है, तो इस पवित्र राख को घर के चारों कोनों में छिड़कने से वास्तु दोषों का प्रभाव कम होता है।
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नकारात्मक ऊर्जा का नाश: अग्नि में नारियल और सुपारी अर्पित करने से घर के सदस्यों के ऊपर से बुरी नजर और नकारात्मक प्रभाव खत्म हो जाते हैं।
आर्थिक तंगी दूर करने के उपाय
यदि आप लंबे समय से आर्थिक बाधाओं या कर्ज से परेशान हैं, तो ज्योतिषियों ने निम्नलिखित सुझाव दिए हैं:
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अनाज की आहुति: होलिका की पवित्र अग्नि में अलसी, गेहूं और चने की ताजी बालियां डालने से धन-धान्य की कमी नहीं होती है।
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दरिद्रता का नाश: नमक का विशेष वास्तु प्रयोग दरिद्रता को दूर करने और घर में लक्ष्मी के वास के लिए अत्यंत प्रभावी माना गया है।
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सुख-समृद्धि: ताजा अनाज अग्नि को समर्पित करना समृद्धि का प्रतीक माना जाता है, जिससे साल भर घर में खुशहाली बनी रहती है।
राशि के अनुसार करें आहुति
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जातक अपनी राशि के अनुसार अग्नि में आहुति दें, तो ग्रहों के दोष शांत होते हैं:
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मेष और वृश्चिक राशि वालों को गुड़ की आहुति देनी चाहिए।
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वृषभ और तुला राशि के जातकों के लिए सफेद मिठाई या बताशे अर्पित करना शुभ होता है।
होलिका दहन के ये प्राचीन उपाय न केवल परंपराओं को जीवित रखते हैं, बल्कि आधुनिक जीवन में मानसिक और आध्यात्मिक संतुलन बनाने में भी सहायक सिद्ध होते हैं।
