दुनिया में ईसाइ सबसे अधिक, दूसरे नंबर में इस्लाम, हिंदू 15% के करीब: रिपोर्ट
वॉशिंगटन/नई दिल्ली | वैश्विक धार्मिक परिदृश्य पर नजर रखने वाली संस्था ‘प्यू रिसर्च सेंटर’ (Pew Research Center) ने अपनी ताजा रिपोर्ट में चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया में ईसाइयों का दबदबा अभी भी कायम है, लेकिन इस्लाम सबसे तेज रफ्तार से बढ़ने वाला धर्म बनकर उभरा है। वहीं, दुनिया की कुल आबादी में हिंदुओं की हिस्सेदारी अब लगभग 15 प्रतिशत (14.9%) तक पहुंच गई है।
ईसाई सबसे बड़ा समूह, इस्लाम की रफ्तार तेज
रिपोर्ट के मुताबिक, 2.3 अरब की आबादी के साथ ईसाई धर्म दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक समूह बना हुआ है। हालांकि, कुल वैश्विक आबादी में उनकी प्रतिशत हिस्सेदारी में मामूली गिरावट दर्ज की गई है। दूसरी ओर, इस्लाम दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ने वाला प्रमुख धर्म है। पिछले 10 वर्षों में मुस्लिम आबादी में 34.7 करोड़ की भारी वृद्धि हुई है।
हिंदू आबादी 1.2 अरब के पार
विश्व में हिंदुओं की कुल संख्या अब 1.2 अरब हो गई है, जो पिछले दशक की तुलना में 12.6 करोड़ अधिक है। रिपोर्ट की एक अहम बात यह है कि दुनिया की कुल हिंदू आबादी का लगभग 95 प्रतिशत हिस्सा भारत में निवास करता है। भारत के अलावा नेपाल और बांग्लादेश में भी हिंदुओं की बड़ी आबादी मौजूद है।
तेजी से बढ़ रहा है ‘नास्तिकों’ का ग्राफ
किसी भी धर्म या मजहब को न मानने वाले लोगों (Unaffiliated/Atheists) की संख्या में भी रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी देखी गई है। अब दुनिया की 24.2% आबादी ऐसी है जो खुद को किसी धर्म से नहीं जोड़ती। यह समूह अब दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी श्रेणी बन गया है। इसके विपरीत, बौद्ध धर्म को मानने वालों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है।
धार्मिक विविधता: सिंगापुर नंबर-1, अमेरिका सबसे आगे
धार्मिक विविधता (Religious Diversity) के मामले में सिंगापुर को दुनिया का सबसे विविध देश माना गया है। यहाँ बौद्ध, ईसाई, मुस्लिम, हिंदू और नास्तिक समुदायों के बीच संतुलन बना हुआ है। वहीं, दुनिया के 10 सबसे अधिक आबादी वाले देशों में अमेरिका धार्मिक विविधता के मामले में पहले स्थान पर है। इस सूची में अमेरिका के बाद नाइजीरिया और रूस हैं, जबकि भारत चौथे स्थान पर आता है।
