अयोध्या जिला जेल में बड़ी सुरक्षा चूक: हाई-सिक्योरिटी बैरक से दो कैदी फरार
अयोध्या। धर्मनगरी अयोध्या की सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए जिला जेल से दो कैदियों के फरार होने की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ये कैदी जेल की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली ‘विशेष सुरक्षा बैरक’ (Special Security Barrack) को तोड़कर भागने में सफल रहे। इस घटना के बाद जेल प्रशासन से लेकर लखनऊ स्थित जेल मुख्यालय तक हड़कंप मच गया है।
कैसे हुई इतनी बड़ी लापरवाही?
मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना गुरुवार तड़के की बताई जा रही है। जिला जेल की हाई-सिक्योरिटी बैरक, जहां चौबीसों घंटे सशस्त्र गार्ड तैनात रहते हैं और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाती है, वहां से दो कैदियों का निकल जाना किसी बड़ी साजिश या भारी लापरवाही की ओर इशारा कर रहा है। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, कैदियों ने सुरक्षा घेरे को काटकर या दीवार फांदकर भागने की योजना को अंजाम दिया।
पूरे जिले में नाकेबंदी, पुलिस का सर्च ऑपरेशन
कैदियों के फरार होने की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और पीएसी (PAC) के जवानों ने जेल के आसपास के इलाकों को घेर लिया है।
-
बॉर्डर सील: अयोध्या की सीमाओं पर सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
-
रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर पहरा: फरार कैदियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और सार्वजनिक स्थानों पर सादे कपड़ों में पुलिस तैनात की गई है।
-
छापेमारी: कैदियों के संभावित ठिकानों और उनके परिजनों के घरों पर भी पुलिस की टीमें छापेमारी कर रही हैं।
जिम्मेदारों पर गिरेगी गाज
जेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने घटना स्थल का मुआयना किया है। शासन ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। सूत्रों की मानें तो जेल की सुरक्षा में तैनात मुख्य आरक्षी और प्रहरियों पर निलंबन की कार्रवाई तय मानी जा रही है। यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस जेल ब्रेक में किसी अंदरूनी कर्मचारी की मिलीभगत थी।
सुरक्षा मानकों पर सवाल
अयोध्या जैसे अति-संवेदनशील जिले की जेल में हुई इस घटना ने प्रदेश की जेलों की ‘हाई-टेक सुरक्षा’ के दावों की पोल खोल दी है। विशेष रूप से विशेष सुरक्षा बैरक से कैदियों का भागना यह दर्शाता है कि अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और सुरक्षा तंत्र में कहीं न कहीं बड़ी सेंध लगी है।
