परमाणु युद्ध की कगार पर रूस-अमेरिका, वेनेजुएला के तेल पर भिड़ीं महाशक्तियां
वॉशिंगटन/मॉस्को | दुनिया साल 2026 में एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है जहाँ परमाणु महाशक्तियों—रूस और अमेरिका—के बीच जुबानी जंग अब हथियारों के टकराव में बदलती दिख रही है। वेनेजुएला के तट के पास रूसी तेल टैंकरों की जब्ती और अटलांटिक महासागर में ‘यमराज’ कही जाने वाली रूसी परमाणु पनडुब्बी की तैनाती ने तीसरे विश्व युद्ध की आशंका को प्रबल कर दिया है।
तेल का खेल: अमेरिका ने जब्त किए रूसी टैंकर
तनाव की शुरुआत तब हुई जब अमेरिकी नौसेना ने नॉर्थ अटलांटिक में रूसी शैडो फ्लीट के दो टैंकरों, ‘Bella-1’ और ‘M/T सोफिया’ को अपने कब्जे में ले लिया। ये टैंकर वेनेजुएला से कच्चा तेल लेकर चीन जा रहे थे। अमेरिका का दावा है कि रूस प्रतिबंधों का उल्लंघन कर चोरी-छिपे तेल का व्यापार कर रहा है। इस कार्रवाई में ब्रिटेन ने भी अमेरिका को खुफिया मदद दी है, जिससे पुतिन का पारा हाई हो गया है।
रूस की धमकी: “अमेरिका पर परमाणु बम गिरा दो”
रूसी राष्ट्रपति पुतिन के बेहद करीबी और स्टेट ड्यूमा की रक्षा समिति के डिप्टी हेड एलेक्सी जुरालेव ने सीधी चेतावनी देते हुए कहा, “अमेरिका पर टॉरपीडो से हमला करो, परमाणु बम गिराओ या उनकी नावों को डुबो दो।” वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि पूरा पश्चिमी गोलार्ध अमेरिका का इलाका है और वेनेजुएला को रूस या चीन का ‘ऑपरेटिंग हब’ नहीं बनने दिया जाएगा।
समंदर का ‘यमराज’ बनाम ‘डूम्सडे प्लेन’
अटलांटिक की लहरों के नीचे इस समय दुनिया की सबसे घातक पनडुब्बी BS-329 बेलगोरोद गश्त कर रही है।
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बेलगोरोद की शक्ति: यह पनडुब्बी ‘पोसाइडन’ अंडरवाटर ड्रोन से लैस है, जो समंदर के नीचे 500 मीटर ऊंची रेडियोएक्टिव सुनामी पैदा कर सकती है। इसके हमले से अमेरिका के तटीय शहर मिनटों में कब्रिस्तान बन सकते हैं।
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अमेरिका का बचाव: जवाब में राष्ट्रपति ट्रंप ने अपना ‘डूम्सडे प्लेन’ (Boeing E-4B Nightwatch) एक्टिव कर दिया है। यह उड़ता हुआ किला परमाणु हमले के दौरान भी ग्लोबल कम्युनिकेशन बनाए रखने और हवा से ही परमाणु मिसाइलें लॉन्च करने का निर्देश देने में सक्षम है।
चीन को भी लगा बड़ा झटका
अमेरिका की इस कार्रवाई का सीधा असर चीन पर पड़ा है। रूस और वेनेजुएला से मिलने वाले सस्ते तेल की सप्लाई रुकने से बीजिंग की अर्थव्यवस्था को बड़ा नुकसान होने की संभावना है। वेनेजुएला के राष्ट्रपति के खिलाफ ट्रंप की ‘किडनैप कूटनीति’ के बाद से ही इस क्षेत्र में तनाव चरम पर था, जो अब परमाणु युद्ध के मुहाने पर पहुँच गया है।
विमान और पनडुब्बी की ताकत: एक तुलना
| विशेषता | रूसी बेलगोरोद (Submarine) | अमेरिकी डूम्सडे (E-4B Plane) |
| मुख्य शक्ति | 100 मेगाटन न्यूक्लियर पेलोड | उड़ता हुआ कमांड सेंटर |
| हथियार | पोसाइडन सुपर टॉरपीडो | ICBM और पनडुब्बी कंट्रोल |
| खतरा | रेडियोएक्टिव सुनामी | कई दिनों तक हवा में रहने की क्षमता |
| उद्देश्य | शहरों का पूर्ण विनाश | युद्ध के दौरान सरकार का संचालन |
