जयशंकर ने पाकिस्तान को बताया ‘बुरा पड़ोसी’

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External Affairs Minister S Jaishankar

चेन्नई/नई दिल्ली: भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक बार फिर पड़ोसी देश पाकिस्तान को कड़े शब्दों में चेतावनी दी है। आईआईटी (IIT) मद्रास के एक कार्यक्रम में छात्रों को संबोधित करते हुए जयशंकर ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना उसे एक ‘बुरा पड़ोसी’ करार दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत के पास अपने लोगों की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने का अधिकार है और कोई दूसरा देश यह तय नहीं करेगा कि भारत को क्या करना चाहिए।

हॉस्टल के पड़ोसी का दिया उदाहरण

कूटनीति को ‘रॉकेट साइंस’ के बजाय ‘आम समझ’ (Common Sense) से जोड़ते हुए जयशंकर ने छात्रों को समझाया। उन्होंने कहा, “मान लीजिए आप किसी हॉस्टल में रहते हैं, वहां भी आपके पड़ोसी होते हैं। अगर आपका पड़ोसी अच्छा है, तो आपकी प्रवृत्ति उसकी मदद करने की होती है। लेकिन अगर पड़ोसी जानबूझकर और बिना पछतावे के आतंकवाद फैलाता है, तो उसे ‘गुड नेबरहुड’ का फायदा नहीं मिल सकता।”

सिंधु जल संधि और आतंकवाद: “दो नावों की सवारी नहीं चलेगी”

विदेश मंत्री ने सिंधु जल संधि (Indus Water Treaty) का ज़िक्र करते हुए पाकिस्तान को आईना दिखाया। गौरतलब है कि अप्रैल 2025 में पहलगाम हमले (जिसमें 26 पर्यटकों की मौत हुई थी) के बाद भारत ने इस संधि को निलंबित कर दिया था।

जयशंकर ने कहा, “आप यह नहीं कह सकते कि ‘कृपया मेरे साथ पानी शेयर करें, लेकिन मैं आपके साथ आतंकवाद जारी रखूंगा।’ यह मुमकिन नहीं है। अगर दशकों तक आतंकवाद होता रहे, तो अच्छे पड़ोसी का भाव नहीं आ सकता।”

पड़ोसियों के लिए ‘मददगार’ भारत: श्रीलंका और कोविड का उदाहरण

जयशंकर ने भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ (Neighborhood First) पॉलिसी के तहत किए गए कार्यों को गिनाया:

  • श्रीलंका: आर्थिक संकट के दौरान 4 अरब डॉलर का पैकेज दिया और चक्रवाती तूफान ‘दित्वह’ के दौरान तुरंत मदद पहुंचाई।

  • कोविड-19: दुनिया भर में वैक्सीन की किल्लत के बावजूद भारत ने अपने पड़ोसियों को पहली प्राथमिकता दी।

  • यूक्रेन संकट: ईंधन और खाद्य संकट के समय भी भारत अपने पड़ोसियों के साथ खड़ा रहा।

बांग्लादेश दौरा और पाकिस्तान के स्पीकर से मुलाकात का सच

हाल ही में बांग्लादेश की पूर्व पीएम बेगम खालिदा जिया के अंतिम संस्कार में शामिल होने गए जयशंकर ने वहां के हालात पर भी बात की।

  • तारिक रहमान से मुलाकात: जयशंकर ने बीएनपी नेता तारिक रहमान से मुलाकात की तस्वीरें साझा कीं और बांग्लादेश में चुनाव के लिए शुभकामनाएं दीं।

  • पाकिस्तान के स्पीकर से मुलाकात: बांग्लादेश दौरे पर पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के स्पीकर सरदार अयाज सादिक के साथ उनकी हाथ मिलाती तस्वीरों पर काफी चर्चा हुई थी। पाकिस्तान ने इसे ‘उच्च स्तरीय संपर्क’ बताया, लेकिन जयशंकर ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में इस मुलाकात का कोई जिक्र नहीं किया, जो पाकिस्तान के प्रति भारत के ठंडे रुख को दर्शाता है।

“ऑपरेशन सिंदूर” के बाद बढ़ा तनाव

बता दें कि मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के कारण युद्ध जैसी स्थिति बन गई थी। जयशंकर के इस ताजा बयान ने साफ कर दिया है कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद नहीं छोड़ता, भारत किसी भी तरह की रियायत देने के मूड में नहीं है।

न्यूजहॉक (Newshawk) विश्लेषण: एस जयशंकर का यह बयान वैश्विक मंच पर भारत की बदलती और आक्रामक कूटनीति का प्रमाण है। ‘पानी’ और ‘आतंक’ को एक साथ जोड़कर उन्होंने पाकिस्तान की दुखती रग पर हाथ रख दिया है।

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