माघ मेला 2026 का आगाज: पौष पूर्णिमा पर संगम तीरे शुरू हुआ कल्पवास

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Magh Mela (2)

प्रयागराज: कड़ाके की ठंड, लेकिन आस्था की अटूट तपिश। संगम की रेती पर आज यानी शनिवार (3 जनवरी, 2026) को पौष पूर्णिमा के पावन स्नान के साथ ही माघ मेले का विधिवत शुभारंभ हो गया है। तीर्थराज प्रयाग की त्रिवेणी पट्टी पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु और कल्पवासी डेरा जमा चुके हैं। भक्ति में डूबे श्रद्धालु भौतिक सुख-सुविधाओं का त्याग कर अब एक महीने तक जप-तप और साधना के कठिन ‘कल्पवास’ में लीन रहेंगे।

चतुर्ग्रहीय योग में विशेष फलदायी स्नान

ज्योतिर्विद आचार्य देवेंद्र प्रसाद त्रिपाठी के अनुसार, इस बार माघ मेले का शुभारंभ चतुर्ग्रहीय योग में हो रहा है, जो अत्यंत दुर्लभ और पुण्यकारी है।

  • ग्रहों का संयोग: धनु राशि में सूर्य, मंगल, बुध और शुक्र के संचरण से यह योग बन रहा है।

  • शुभ मुहूर्त: पूर्णिमा तिथि शुक्रवार शाम से शुरू होकर शनिवार शाम 4:03 बजे तक रहेगी। सुबह 10:03 बजे तक ब्रह्म योग और उसके बाद ऐंद्र योग का संयोग है।

कल्पवास: मोह-माया से मुक्ति की कठिन साधना

संगम तट पर सदियों से चली आ रही कल्पवास की परंपरा आज से शुरू हो गई। कल्पवासी अगले एक महीने (माघी पूर्णिमा तक) या कुछ श्रद्धालु महाशिवरात्रि (15 फरवरी) तक यहाँ प्रवास करेंगे।

  • जीवनशैली: कल्पवासी घर-परिवार से दूर फूस की झोपड़ियों में रहकर दिन में तीन बार स्नान, सात्विक भोजन और निरंतर भजन-पूजन करते हैं।

  • संकल्पना: माना जाता है कि यहाँ कल्पवास करने से जन्म-जन्मांतर के पापों से मुक्ति और पूर्वजों को मोक्ष की प्राप्ति होती है।

प्रशासन की तैयारियां: AI कैमरों से सुरक्षा

इस बार माघ मेले को पहली बार सात सेक्टरों में बसाया गया है (पहले पाँच सेक्टर होते थे)। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने चाक-चौबंद व्यवस्था की है:

  • स्नान घाट: संगम और गंगा तट पर कुल 16 घाट बनाए गए हैं, जहाँ गहरी पानी की बैरिकेडिंग और प्रकाश की समुचित व्यवस्था है।

  • हाई-टेक सुरक्षा: पूरे मेला क्षेत्र में 400 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जो AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) तकनीक से लैस हैं। ये कैमरे भीड़ के घनत्व (Crowd Density) और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की रियल-टाइम रिपोर्टिंग करेंगे।

  • पुलिस और स्वास्थ्य: मेले में 17 थाने, 42 पुलिस चौकियां और 20 अग्निशमन केंद्र स्थापित किए गए हैं। यातायात प्रबंधन के लिए 42 अस्थायी पार्किंग बनाई गई हैं, जहाँ 1.30 लाख वाहन खड़े हो सकते हैं।

माघ मेला 2026: एक नज़र में मुख्य आंकड़े

सुविधा/व्यवस्था संख्या/विवरण
स्नान घाट 16
मेला सेक्टर 07
CCTV कैमरे (AI युक्त) 400
पुलिस थाने/चौकियां 17 थाने / 42 चौकियां
पार्किंग क्षमता 1.30 लाख वाहन

न्यूजहॉक (Newshawk) विचार: प्रयागराज का माघ मेला भारतीय संस्कृति के धैर्य और अटूट विश्वास का प्रतीक है। भीषण ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं का यह उत्साह दर्शाता है कि अध्यात्म आज भी भारत की आत्मा में रचा-बसा है।

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