कांग्रेस की रैली में लगे PM मोदी के खिलाफ ‘विवादित नारे’
विशेष संवाददाता | नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान दिल्ली का सियासी पारा अचानक गर्मा गया है। दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में आयोजित कांग्रेस की ‘न्याय रैली’ विवादों के घेरे में आ गई है। रैली के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लेकर लगाए गए कुछ कथित विवादित नारों ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को हमलावर होने का मौका दे दिया है। भाजपा ने इन नारों को कांग्रेस की हताशा बताते हुए कहा है कि विपक्षी दल का असली मकसद किसी मुद्दे की लड़ाई लड़ना नहीं, बल्कि सिर्फ प्रधानमंत्री को हटाना है।
वायरल वीडियो पर भाजपा का तीखा हमला सोशल मीडिया पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा लगाए गए नारों का वीडियो वायरल होने के बाद भाजपा नेताओं ने मोर्चा खोल दिया है। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री के लिए अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया है। भाजपा राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर वीडियो साझा करते हुए लिखा, “अब कांग्रेस का एजेंडा शीशे की तरह साफ हो गया है। यह लड़ाई ‘SIR’ या संविधान बचाने की नहीं है। ‘SIR’ की आड़ में वे केवल पीएम मोदी को हटाना चाहते हैं।” उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग को धमकाने और पीएम मोदी को 150 से ज्यादा बार गाली देने का इतिहास कांग्रेस की इसी मानसिकता को दर्शाता है।
संबित पात्रा बोले- जनता ने बार-बार नकारा, फिर भी नहीं सुधरे इस मामले पर भाजपा के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता संबित पात्रा ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, “यह हमारे लोकप्रिय नेता का अपमान है, जिसे देश कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।” पात्रा ने कहा कि हालांकि उन्होंने अभी वह नारा खुद नहीं सुना है, लेकिन अगर ऐसे नारे लगाए गए हैं, तो यह साबित करता है कि कांग्रेस अभी भी जनभावनाओं को समझने में नाकाम है। उन्होंने याद दिलाया कि जब-जब कांग्रेस ने पीएम मोदी और उनके परिवार के खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग किया है, जनता ने उन्हें वोट की चोट से जवाब दिया है।
लाखों की भीड़ और ‘वोट चोरी’ का मुद्दा गौरतलब है कि कांग्रेस ने ‘वोट चोरी’ और ‘SIR’ अभियान के तहत रामलीला मैदान में इस विशाल रैली का आयोजन किया था। इसमें देश भर से कांग्रेस के नेता और लाखों कार्यकर्ता शामिल होने पहुंचे थे। रैली का उद्देश्य सरकार की नीतियों का विरोध करना था, लेकिन मंच के नीचे से उठे विवादित नारों ने अब विमर्श को पूरी तरह से मोदी बनाम कांग्रेस की तरफ मोड़ दिया है।
